मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत का प्रयोग करते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया है। कृषि कानून के बारे में यदि कहीं से भी कोई आवाज निकली है तो लोकतंत्र की इस आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता। आपसी समन्वय, बातचीत व संवाद से समस्या का समाधान किया जाएगा। यह लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
योगी ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को लेकर कु छ किसान संगठन आंदोलन कर रहे थे। गुरु पर्व पर कानूनों को वापस लेकर पीएम ने किसानों के सम्मान में यह ऐतिहासिक कार्य किया है। हालांकि कृषि कानून बनने के बाद एक बड़ा समुदाय ऐसा था जो मानता था कि किसानों की आमदनी बढ़ाने में ये कानून महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। लेकिन कुछ किसान संगठन इसके विरोध में आए तो सरकार ने हर स्तर पर संवाद का प्रयास किया। योगी ने कहा कि हो सकता है हमारे स्तर पर कोई कमी रह गई हो कि हम उन लोगों को अपनी बात समझाने में विफल रहे, जिससे उन्हें आंदोलन के रास्ते पर आगे बढ़ना पड़ा।
प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र के इस भाव का स्वागत करते हुए तीनों कानूनों को वापस लेने व एमएसपी के समिति का गठन करने का जो फैसला किया है वह स्वागत योग्य है। प्रधानमंत्री के इस कदम से किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए उनकी प्रतिबद्धता एवं सहृदयता परिलक्षित होती है।