प्रदेश सरकार ने घर-घर जाकर पशुओं के इलाज के लिए सचल पशु चिकित्सा इकाई (मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट) के संचालन संबंधी प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी है। इससे वाहनों की खरीद, मैनपावर की व्यवस्था कर सचल पशु चिकित्सा वाहनों का संचालन शुरू किया जा सकेगा। केंद्र सरकार ने पशु स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण योजनांतर्गत पशु चिकित्सालयों व पशु सेवा केंद्रों की सुदृढ़ीकरण का कार्यक्रम तैयार किया है। इसके तहत एक लाख पशुओं पर एक सचल पशु चिकित्सा इकाई के संचालन का प्रस्ताव है।
केंद्र सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश को करीब 520 सचल पशु चिकित्सा इकाई के संचालन के लिए वित्तीय सहायता देने का एलान किया है। बताया गया है कि योजना अंतर्गत वाहन खरीदने के लिए शत प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देगी। वाहन संचालन में प्रयोग के लिए आवश्यक पेट्रोल, वाहन चालक, पशु चिकित्सक व पैरावेट की व्यवस्था पर आने वाले खर्च का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र व 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेंगे। मैनपावर की व्यवस्था आउटसोर्सिंग के जरिए होगी। पशुपालन विभाग ने वाहनों के क्रय व इकाई के संचालन संबंधी प्रस्ताव कैबिनेट की सहमति के लिए भेजा था, जिसे मंजूरी दे दी गई है।
गृह विभाग के दो प्रस्तावों को मंजूरी
गृह विभाग के दो प्रस्तावों को मंगलवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए मंजूरी दे दी गई। इसमें उत्तर प्रदेश लिपिक, लेखा एवं गोपनीय सहायक संवर्ग सेवा नियमावली में चौथे संशोधन के प्रस्ताव तथा पुलिस विभाग के पूर्व निर्मित भवनों को कंडम घोषित कर ध्वस्त कराए जाने की मंजूरी दी गई है।
प्रयागराज में बनेगा भजन संध्या स्थल
प्रयागराज में भजन संध्या स्थल की स्थापना कराई जाएगी। योगी कैबिनेट ने मंगलवार को प्रयागराज में भजन संध्या स्थल स्थापित कराने का प्रस्ताव बाई सर्कुलेशन मंजूर किया है।