प्रधानमंत्री ने भाजपा की चुनावी रणनीति का संकेत भी दे दिया। प्रो. अंबिका प्रसाद तिवारी कहते हैं कि मोदी ने जिस तरह पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश के लोगों के सामर्थ्य एवं इस क्षेत्र के विकास की उपेक्षा और अनदेखी तथा इसे माफियावाद व गरीबी के हवाले कर देने के लिए गैर भाजपा सरकारों पर निशाना साधा, उससे यह साफ हो गया कि सत्ता में होने के बावजूद भाजपा रक्षात्मक शैली में नहीं बल्कि आक्त्रसमक अंदाज में चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
सुल्तानपुर के इस कार्यक्त्रस्म के जरिये प्रधानमंत्री ने संकेतों से यही संदेश देने की तो कोशिश की है कि सपा, कांग्रेस सहित गैर भाजपा दलों को वोट का मतलब प्रदेश को तुष्टीकरण, अराजकता, परिवारवाद, भ्रष्टाचार तथा बेरोजगारी जैसी समस्याओं में फंसना होगा। जाहिर है कि विकास, कानून-व्यवस्था, हिंदुत्व और सरोकार के सवाल पर भाजपा उसी तरह इस बार भी आक्त्रसमक होगी जिस तरह 2013 व 2017 से पहले थे और 2019 में अपने कामों के साथ विपक्ष को घेरा था ।
योगी की मजबूती के भी मायने अहम
कुछ दिन पहले लखनऊ आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का 2024 में दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए 2022 में लखनऊ में योगी की सरकार बनाने की जरूरत समझाना । प्रधानमंत्री का कुशीनगर से लेकर हरैया और वाराणसी तक योगी के नेतृत्व, नीति नीयत तथा निर्णयों की प्रशंसा तथा आज उनकी तरफ से मुख्यमंत्री योगी को ओजस्वी, तेजस्वी, कर्मयोगी और ऊर्जावान बताने के राजनीतिक मायने अहम हैं।
वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक रतनमणि लाल कहते हैं कि योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद न सिर्फ यह साबित कर दिया है कि वे हिंदुत्व के सरोकारों के प्रति जितना समर्पित हैं उससे ज्यादा वह प्रदेश के विकास के लिए संकल्पित हैं। जिस तरह उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को तय समयसीमा और तय बजट से कम खर्च करके पूरा कर दिखाया है, जिस तरह विकास को परवान चढ़ा सांस्कृतिक सरोकारों को सम्मान दिया, कोरोना के दौरान सामने आई चुनौतियों से पार पाकर दिखाया, कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुधारकर खासतौर से पूर्वांचल को अपराध व आपराधिक छवि वालों के आतंक के चंगुल से मुक्त कराया है, उससे उन्होंने परिपक्व नेतृत्व व एजेंडे को लेकर दृढ़ प्रतिज्ञ होना प्रमाणित कर दिया है।
खास है 2024 की बाजी सजाना
लाल की बात सही है। प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वांचल व अवध की धरती को जोड़ने वाले इस पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के मौके पर एक तरह से विधानसभा चुनाव में योगी के नेतृत्व में मैदान में उतरने का संदेश देते हुए चुनावी चौसर पर सियासी चेहरों की भी बाजी सजा दी है। उन्होंने परिवारवाद की पार्टनर शिप से यूपी की आकांक्षाओं को बरबाद करने और कुचलने का आरोप लगाकर लोगों को यही समझाया है कि मोदी की सरकार बनाने की इच्छा रखने वालों को प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भी सरकार बनाने के लिए जुटना होगा। केंद्र के लिए उत्तर प्रदेश का रणनीतिक रूप से काफी महत्व है जिसका प्रधानमंत्री मोदी ने खुद आज कई बार प्रमाण दिया।
उन्होंने जहां केंद्र में उनकी सरकार बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के योगदान को सराहा तो यह कहते हुए, एक्सप्रेस-वे पर आज होने वाली विमानों का गर्जना उनके लिए भी होगी जिन्होंने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत को और सुरक्षा को अनदेखा किया। लोगों को डबल इंजन सरकार का महत्व भी समझाया। मोदी ने शायद ऐसा उन चर्चाओं के मद्देनजर कहा जिनमें मोदी और योगी सरकार को लेकर कई तरह की बातें की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने एक तरह से सुल्तानपुर से सिर्फ सपा पर निशाना नहीं साधा बल्कि प्रियंका के नेतृत्व में रास्ते तलाश रही कांग्रेस की राह में सवालों के अवरोध खड़े करने की रणनीति पर काम कर दिया है। एक तरह से प्रधानमंत्री ने भाजपा की तरफ से प्रदेश की चुनावी बिसात पर योगी आदित्यनाथ बनाम अखिलेश और अन्य की बाजी सजा दी है ।