योगी आदित्यनाथ अयोध्या में।
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अयोध्या में होने वाली कैबिनेट बैठक में सरकार आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर रामनगरी से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को धार देगी। अयोध्या सहित प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों के जरिये धर्म और संस्कृति को बढ़ावा देने वाले प्रस्तावों पर मुहर लगेगी।
कैबिनेट बैठक में अयोध्या जी तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के गठन को मंजूरी मिलेगी। परिषद के गठन के लिए श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2023 को विधानमंडल में प्रस्तुत करने का प्रस्ताव मंजूर किया जाएगा।
अयोध्या के माझा जमथरा गांव में 25 एकड़ भूमि पर भारतीय मंदिर वास्तुकला संग्रहालय की स्थापना के प्रस्ताव पर भी मुहर लगेगी। इसके लिए 25 एकड़ भूमि पर्यटन विभाग को निशुल्क हस्तांतरित देने का प्रस्ताव भी मंजूर होगा। अयोध्या में स्थित अयोध्या शोध संस्थान को अंतरराष्ट्रीय अयोध्या रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी।
इसी प्रकार देवीपाटन धाम तीर्थ विकास परिषद का प्रस्ताव मंजूर किया जाएगा। परिषद गठन के लिए लिए उत्तर प्रदेश प्रदेश श्री देवीपाटन धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2023 को विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में पेश करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया जाएगा।
शुक्रताल धार्म तीर्थ विकास परिषद के गठन का प्रस्ताव भी मंजूर होगा। उत्तर प्रदेश शुक्रताल धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2023 को विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में पेश करने का प्रस्ताव भी मंजूर होगा।
सरकार सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे के तहत अयोध्या में प्रतिवर्ष होने वाले मकर संक्रांति और बसंत पंचमी मेले, बुलंदशहर के अनूपशहर में होने वाले कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले और हाथरस के लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज के प्रांतीयकरण को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद इन मेलों की व्यवस्था में होने वाले खर्च को सरकार वहन करेगी। मेले की व्यवस्था नगरीय विकास विभाग के स्तर से की जाएगी।