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UP: ब्रजेश पाठक बोले-केजीएमयू धर्मांतरण मामले पर सरकार करेगी कार्रवाई...प्रशासन ने दी पूरी जानकारी

Thu, 15 Jan 2026 07:26 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

केजीएमयू धर्मांतरण विवाद पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गंभीर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही। प्रशासन से पूरे प्रकरण की जानकारी ली गई। डिप्टी सीएम ने स्टाफ से हड़ताल न करने की अपील की।
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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में धर्मांतरण विवाद के बाद बृहस्पतिवार को पहली बार परिसर पहुंचे उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को प्रशासन ने प्रकरण के बारे में पूरी जानकारी दी। डिप्टी सीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। डिप्टी सीएम ने कहा कि परिसर के डॉक्टर व अन्य स्टॉफ किसी तरह की हड़ताल न करें। मुख्यमंत्री की निगरानी में सभी मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

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केजीएमयू के कलाम भवन में बृहस्पतिवार को आयोजित हरिओम सेवा केंद्र के वार्षिकोत्सव में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। केजीएयमू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद को भी इसमें शामिल होना था, लेकिन उनकी जगह केजीएमयू के अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम खत्म होने के बाद प्रशासन ने उप मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी।

केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि उप मुख्यमंत्री ने धर्मांतरण विवाद और उसके बाद हुई घटना के सभी पहलुओं के बारे में जानकारी ली। पैथाेलॉजी के एचओडी डॉ. वाहिद अली को हटाए जाने के बारे में प्रो. केके ने बताया कि हमारे यहां पैथौलॉजी लैब इंचार्जों की रिशफलिंग होती रहती है और यह बदलाव रूटीन प्रक्रिया है। इसमें किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई है। धर्मांतरण विवाद पर डिप्टी सीएम ने भी आश्वासन दिया है कि सरकार गंभीरता से कार्रवाई करेगी।

केजीएमयू में डॉ. रमीज पर धर्मांतरण के आरोप के बाद हुआ था विवाद

केजीएयू के रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक पर एक महिला रेजिडेंट का यौन शोषण करने और धर्मांतरण के प्रयास का आरोप है। इस मामले की जांच एसटीएफ भी कर रही है। इस प्रकरण में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद के बीच विवाद भी हो चुका है। 

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अपर्णा के समर्थकों पर कुलपति कार्यालय में तोड़फोड़ करने का भी आरोप है। केजीएमयू प्रशासन इस संबंध में पुलिस को लिखित तहरीर भी दी थी, लेकिन एफआईआर नहीं हुई। इसके विरोध में केजीएमयू के चिकित्सक व अन्य संगठनों ने हड़ताल की चेतावनी भी दी थी, जो बाद में स्थगित कर दी गई।
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