सदन के बाहर इस तरह दिखे सपा विधायक।
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विधानसभा के मानसून सत्र की सोमवार को शुरुआत होने के बाद समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने वेल में आकर जमकर नारेबाजी की। सपा सदस्य प्रदेश में व्याप्त सूखा, बाढ़, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने चर्चा कराने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ने मना करने पर सपा सदस्य वेल में आ गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। वहीं प्रश्न काल के बाद बिजली संकट पर चर्चा कराने की मांग को लेकर भी सपा ने सदन से बहिर्गमन किया।
बता दें कि सोमवार सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि प्रदेश में बाढ़, कानून-व्यवस्था, बिजली संकट और बढ़ते भ्रष्टाचार जैसी गंभीर समस्याएं हैं। जनता से जुड़े इन अहम मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने अपनी बात पूरी भी नहीं की थी कि सपा सदस्य पोस्टर, बैनर लेकर वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। उनके पोस्टरों में बेरोजगारों को रोजगार देने, भाजपा विफल है अपने कामों में-जनता त्रस्त है बढ़ते दामों से जैसे नारे लिखे थे।
कुछ सदस्य अपने कुर्ते के पीछे नारे लिखे हुए पोस्टर चिपका कर आए थे। विधानसभा अध्यक्ष ने नियम 56 में बिजली की सूचना देने की बात कहते हुए सपा सदस्यों को अपनी सीटों पर लौटने के लिए कहा, जिसे अनसुना कर दिया गया। करीब तीन मिनट तक नारेबाजी जारी रहने पर विधानसभा अध्यक्ष ने सपा सदस्यों को सदन को सुचारू रूप से चलाने की हिदायत देते हुए कहा कि नारेबाजी जारी रही तो सदन को स्थगित करना पड़ेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगे इन मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके बाद सपा सदस्य नारेबाजी बंद करके अपनी सीटों पर वापस लौट गए।
मंत्रिमंडल के नए सदस्यों और नेता प्रतिपक्ष को बधाई दी
विधानसभा अध्यक्ष ने मंत्रिमंडल में शामिल हुए नए सदस्यों ओपी राजभर, दारा सिंह चौहान, अनिल कुमार और सुनील शर्मा को बधाई दी। वहीं माता प्रसाद पांडेय को नेता प्रतिपक्ष चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित है। वह सात बार विधायक और दो बार विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं। उनका मार्गदर्शन और सहयोग मिलने की उम्मीद है।
सीट पर बैठी रहीं पल्लवी
सोमवार को विधानसभा में सपा के बागी विधायक पीछे की सीटों पर बैठे रहे, लेकिन पल्लवी पटेल पूर्व की तरह आगे अपनी सीट पर आकर बैठीं। सपा के सदस्यों ने जब विभिन्न मुद्दों को लेकर वेल में उतर कर हंगामा किया तो पल्लवी ने उनके साथ नहीं दिया और अपनी सीट पर ही रहीं।