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यूपी: माफिया मुख्तार की जमीन पर बने फ्लैटों का आवंटन अगस्त से, एलडीए शुरू करेगा प्रक्रिया, ऐसे करें आवेदन

Tue, 08 Jul 2025 08:59 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

माफिया मुख्तार अंसारी की जमीन पर बनाए गए आवासों का आवंटन करने के लिए जल्द ही पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मुख्तार की बनाई आलीशान कोठी को ध्वस्त कर दिया गया था।
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- फोटो : एलडीए वेबसाइट
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विस्तार
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डालीबाग में माफिया मुख्तार (मृत) की जमीन पर बने प्रधानमंत्री आवासों का अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) आवंटन करेगा। अगस्त में पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि माफिया मुख्तार ने डालीबाग में जमीन पर अवैध कब्जा करके बिल्डिंग बनाई थी, जिसे ध्वस्त किया गया था। जिस जमीन पर यह बिल्डिंग बनी थी, वह मुख्तार के बेटों के नाम बताई जा रही थी।

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जमीन सरकारी कब्जे में लेने के बाद एलडीए ने करीब दो वर्ष पहले प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत 72 फ्लैटों का निर्माण कराया है। फ्लैटों में कुछ काम शेष भी है, जिसे दो-तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा। पूर्व ठेकेदार का निधन होने के बाद नए फर्म का चुनाव किया जा रहा है। इस भूमि का मामला कोर्ट में था। इस वजह से पंजीकरण नहीं शुरू किया गया था। अब कोर्ट से एलडीए को राहत मिली है। जल्द ही पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होगी।

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निष्क्रांत (शत्रु) संपत्ति पर कब्जा बनाई थी कोठी

डालीबाग में निष्क्रांत (शत्रु) संपत्ति के रूप में दर्ज 2321 वर्गमीटर भूमि पर कब्जा कर मुख्तार ने अपने परिजनों के नाम आलीशान कोठी बनवाई थी। जानकारों का कहना है कि मुख्तार अंसारी ने फरहत अंसारी के नाम पर डालीबाग में पहले बिना नक्शा पास कराए मकान बनवाया। बाद में फर्जी कागजों के आधार पर एलडीए से नक्शा पास करवाया। शमनीय मानचित्र वर्ष 2007 में पास कराया गया था। निर्माण पूरा होने पर कोई कार्रवाई न करके नक्शा पास कर दिया गया था। वर्ष 2020 में एलडीए ने इसे ध्वस्त किया और जमीन राज्य सरकार के पास आ गई। इसी जमीन पर पीएम आवास योजना के तहत जी प्लस थ्री मंजिल के आवास बनाए गए हैं।

जानिए क्या है शत्रु संपत्ति
आठ मार्च 1954 के बाद पाकिस्तान गए लोगों की भारत में माैजूद अचल संपत्ति को शत्रु या निष्क्रांत संपत्ति कहा जाता है। ऐसी संपत्ति सरकार के अधीन होती है।

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