सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी और अंबेडकरवादी मिलकर भाजपा का सफाया करेंगे। 2022 में उत्तर प्रदेश से बाहर निकालेंगे। दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाता है। ऐसे में 2024 में भी उन्हें सत्ता से बेदखल किया जाएगा। संविधान का अपमान करने वाले और इसे नहीं मानने वालोंको सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। वह कांशीराम स्मृति उपवन में संविधान दिवस पर संविधान बचाओ महाआंदोलन राष्ट्रीय मंच की ओर से आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि डा. राम मनोहर लोहिया भी चाहते थे कि बाबा साहब अंबेडकर के विचारों को मानने वाले साथ आएं। इस दिशा में दो बार प्रयास किया गया। समाजवादी बाबा साहब वाहनी का गठन किया गया है। अन्य अंबेडकरवादी भी साथ हैं। अब एक नई शुरुआत हुई है। वर्ष 2022 में इसे पूरा किया जाएगा। जाति, धर्म का भेद संविधान ने मिटाया है। संविधान ने हमें अधिकार दिया है। देश में सभी धर्म को बराबरी का अधिकार संविधान की वजह से मिला है। इसलिए संविधान नहीं मानने वालों को बदल दिया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ता का आह्वान करते हुए कहा कि इन दिनों जो लोग सत्ता में हैं, वे कुछ भी कर सकते हैं। आधी रात को नोट को खराब बता दिया। फिर राष्ट्र के नाम संबोधित करने आए तो किसान कानून को वापस ले लिया, जबकि इसे वापस लेने के लिए सालभर से मांग की जा रही है। उनकी एक जिद ने करीब 600 से अधिक परिवारों को उजाड़ दिया। किसानों को गाड़ी से कुचला गया। पंचायत चुनाव में महिलाओं का चीर हरण हुए है। इससे ज्यादा असहनीय बात कुछ नहीं हो सकती है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कार्यक्रम संयोजक पूर्व सांसद सावित्री बाई फुले को बधाई देते हुए कहा कि समाजवादी लोग अंबेडकरवादियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। बाबा साहब की वजह से ही हमें बराबरी का दर्जा मिला। लोकतंत्र की आत्मा संविधान है। उत्तर प्रदेश से ही भाजपा को सत्ता मिली। 2022 में ही दिल्ली जाने का दरवाजा बंद किया जाएगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि विपरीत हालात में समाजवादियों ने संघर्ष किया है। संविधान बचाने के लिए लाठियां खाई और जेल भी गए हैं। सभी मिलक संकल्प लेते हैं कि समाज में नफरत फैलाने वाले और सरकारी संसाधनों को बेचने वालों को दोबारा सत्ता में नहीं आने देंगे। कार्यक्रम के दौरान सभी को संविधान की शपथ दिलाई गई। इस दौरान पूर्व मंत्री लालजी वर्मा, केके गौतम, अक्षयवरनाथ कन्नौजिया, शिवशंकर सिंह शंकरी, सोनू कन्नौजिया, अशोक यादव, शिल्पी चौधरी, सुवचन राम, डा. अभिषेक यादव, पूर्व विधायक राजेंद्र यादव, राजेंद्र पाल गौतम, प्रकाश मौर्य, देवेंद्र सिंह यादव, चंद्रशेखर चौधरी अंबेडकर आदि मौजूद रहे।
बहुजन समाज के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार
कार्यक्रम संयोजक पूर्व सांसद सावित्री बाई फूले ने कहा कि आरएसएस संविधान खत्म करना चाहती है। जब इसके खिलाफ आवाज उठाई तो अपमानित किया जाने लगा। ऐसे में भाजपा को त्याग दिया। बहुजन समाज के हित के लिए हर स्तर पर कुर्बानी देने को तैयार हैं। समाज को जगाने और संविधान बचाने के लिए अपनी जान भी देने को तैयार हैं। अब जीवन का यही मकसद है कि भाजपा को सत्ता से बेदखल किया जाए।
संविधान बदलना चाहती है भाजपा
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के पौत्र एंव पूर्व सांसद प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि सरकार ने कभी संविधान दिवस नहीं मनाया। इस बार हम लोगों ने आयोजन किया तो सरकार की ओर से भी संविधान दिवस मनाया जा रहा है। अब अहम सवाल यह है कि 2024 के बाद संविधान रहेगा या नहीं। क्योंकि इसमें लगातार बदलाव का प्रयास हो रहा है। आरक्षण से लेकर अन्य सुविधाएं छीनी जा रही है। आरएसएस के इशारे पर गतिविधियां चलाई जा रही है। यह साबित करने का प्रयास किया जा रहा है कि अब कोई केंद्रीय पार्टी नहीं है। भीमराव यशवंत राव अंबेडकर ने कहा कि संविधान का विरोध वालों को सत्ता से हटाना होगा। बसपा संस्थापक कांशीराम की बहन स्वर्ण कौर ने कहा कि हमें ऐसा नेता चुना होगा, जो दुखियों की सेवा करे। बेईमान और धोखेबाज ना हो। सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि संविधान की वजह से ही राजा अब रानी के पेट से नहीं बल्कि बैलट बाक्स से पैदा होता है। जब तक भाजपा की विर्दाइ नहीं तब तक किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। अपना दल की उपाध्यक्ष पल्ववी पटेल ने कहा कि कमेरा समाज का हित संविधान के साथ है। संविधान नहीं रहेगा तो समाज के अधिकार खत्म हो जाएंगे।