बसपा प्रमुख मायावती ने कहा है कि सपा जैसी पार्टी से दलितों को सावधान रहना चाहिए जिसने एससी, एसटी आरक्षण संबंधी बिल संसद में फाड़ दिया था। ऐसी पार्टियां कभी भी दलितों का विकास एवं उत्थान नहीं कर सकती हैं। संविधान दिवस के अवसर पर शुक्रवार को लखनऊ में बयान जारी करते हुए मायावती ने भाजपा और सपा दोनों पर ही निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान को बने वर्षों बीत चुके हैं पर अभी तक भी कमजोर व उपेक्षित वर्ग को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में आरक्षण जैसी सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिला है। केंद्र व राज्य सरकारों को इस पर ध्यान देना चाहिए।
ज्यादातर विभागों में नौकरियों में आरक्षण का कोटा अधूरा पड़ा है। उन्होंने प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण की मांग की। कहा कि इन वर्गों के लोगों को खासकर सपा से सावधान रहना चाहिए जिसने एससी एसटी आरक्षण बिल षड्यंत्र के तहत संसद में पास नहीं होने दिया था। मायावती ने कहा कि देश में महंगाई बढ़ती जा रही है। खासतौर से मध्यम व गरीब लोग इससे बहुत दुखी हैं। केंद्र व राज्य सरकारें इसे लेकर गंभीर नहीं हैं जो बेहद चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि देश में सभी धर्मों के लोगों की जान माल की सुरक्षा केलिए कानून बने हैं पर केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा इनका पालन नहीं किया जा रहा है।
किसानों की सभी मांगें मान ले सरकार
बसपा प्रमुख ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून वापस ले लिए हैं जो उचित कदम है। हालांकि यह कदम बहुत पहले उठा लेना चाहिए था। अब किसानों की अन्य जरूरी मांगों को भी स्वीकार कर लेना चाहिए । मायावती ने कहा कि सरकारें भारतीय संविधान का पूरी निष्ठा से पालन नहीं कर रही हैं। इसलिए बसपा संविधान दिवस पर केंद्र व राज्यों की सरकारों के कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं ले रही है।
उमाशंकर सिंह को विधानमंडल दल का नेता बनाया
मायावती ने विधायक उमाशंकर सिंह को बसपा दल का नेता बनाने की घोषणा की। दरअसलश्, बृहस्पतिवार को बसपा के विधानमंडल दल नेता गुड्डू जमाली ने बसपा को बाय बाय बोल दिया था।