अवनीश कुमार अवस्थी ने ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सर्वाधिक 114 जांच व विवेचनाओं का निस्तारण किया गया है, जो एसआईटी के इतिहास में पहला मौका है।
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अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने दावा किया है कि सरकार की जीरो टालरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार एवं वित्तीय गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) की सक्रियता बढ़ाने से बेहतर परिणाम सामने आये है। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सर्वाधिक 114 जांच व विवेचनाओं का निस्तारण किया गया है, जो एसआईटी के इतिहास में पहला मौका है।
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यह जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव ने बताया कि वर्ष 2017 में 30, 2018 में 14, 2019 में 49, 2020 में 40 और इस वर्ष में अगस्त तक कुल 36 जांच शुरू कराई गई है। विभिन्न प्रकरणों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि सोनभद्र प्रकरण की विवेचना में दोष निर्धारित किया गया है। जबकि सहारनपुर में टपरी स्थित देशी शराब की फैक्ट्री में शराब निकासी में अनियमितताओं से राजस्व की क्षति होने की पुष्टि हुई है। इसमें लगभग 35 करोड़ रूपये की एक्साइज चोरी उजागर कर 11 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गयी है।
इसके अलावा जिन प्रकरणों की जांच कर एसआईटी ने अनियमितता उजागर की है, उनमें मोहम्मद अली जौहर प्रशिक्षण संस्थान, जौहर विश्वविद्यालय रामपुर, उप्र राजकीय निर्माण निगम द्वारा 137 निर्माण कार्यों में अनियमितता, उप्र सहकारी संस्थागत सेवा मण्डल द्वारा 40 भर्तियों में अनियमितता, 17 मंडलों में पशुधन प्रसार अधिकारी की भर्ती में अनियमितता, उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा भर्ती प्रक्त्रिस्या में अनियमितता प्रमुख हैं। इसके अलावा उप्र जल निगम में 1300 पदों पर भर्ती में अनियमितताओं और सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में अनियमितताओं की भी जांच एसआईटी द्वारा की गई गयी।