उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा।
- फोटो : amar ujala
प्रदेश के विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के साथ सेमेस्टर पाठ्यक्रम में अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को परीक्षा देनी होगी। वहीं, स्नातक प्रथम, द्वितीय व स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के साथ सेमेस्टर पाठ्यक्रम में अंतिम को छोड़कर शेष विद्यार्थियों को प्रोन्नत किया जाएगा।
यूजीसी की गाइडलाइन के मुताबिक 30 सितंबर तक ऑनलाइन या ऑफलाइन परीक्षाएं करा दी जाएंगी। जबकि स्नातक अंतिम वर्ष का परिणाम 15 अक्तूबर और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष का परिणाम 30 अक्तूबर तक घोषित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि यह व्यवस्था कोरोना संक्रमण के मद्देनजर यूजीसी और केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार की गई है। उन्होंने बताया कि जिन विश्वविद्यालयों ने कुछ परीक्षाएं लॉकडाउन से पहले करा ली थीं, उनका मूल्यांकन कर उनके अंक अंतिम परिणाम में जोड़े जाएंगे।