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30 सितंबर तक होंगी स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाएं, विश्वविद्यालयों की गाइडलाइन जारी

Fri, 17 Jul 2020 01:17 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा। - फोटो : amar ujala
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प्रदेश के विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के साथ सेमेस्टर पाठ्यक्रम में अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को परीक्षा देनी होगी। वहीं, स्नातक प्रथम, द्वितीय व स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के साथ सेमेस्टर पाठ्यक्रम में अंतिम को छोड़कर शेष विद्यार्थियों को प्रोन्नत किया जाएगा। 

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यूजीसी की गाइडलाइन के मुताबिक 30 सितंबर तक ऑनलाइन या ऑफलाइन परीक्षाएं करा दी जाएंगी। जबकि स्नातक अंतिम वर्ष का परिणाम 15 अक्तूबर और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष का परिणाम 30 अक्तूबर तक घोषित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि यह व्यवस्था कोरोना संक्रमण के मद्देनजर यूजीसी और केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार की गई है। उन्होंने बताया कि जिन विश्वविद्यालयों ने कुछ परीक्षाएं लॉकडाउन से पहले करा ली थीं, उनका मूल्यांकन कर उनके अंक अंतिम परिणाम में जोड़े जाएंगे।

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बैक पेपर वाले भी होंगे प्रोन्नत

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि परीक्षा व उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन के बाद प्रत्येक विषय में जो छात्र अलग-अलग उत्तीर्ण हैं या जिन्हें बैक मिली है वे अगले वर्ष या अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत किए जाएंगे। वहीं, जो अनुत्तीर्ण हैं या बैक पेपर के लिए भी योग्य नहीं है उन्हें अनुत्तीर्ण ही घोषित किया जाएगा।

विफल विद्यार्थियों को मिलेगा परीक्षा का मौका 
यदि कोई विद्यार्थी अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल नहीं हो पाता है तो उसे संबंधित कोर्स या विषय में विशेष परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। विश्वविद्यालय अपनी व छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष परीक्षाएं करा सकते हैं। लेकिन यह विशेष परीक्षा शैक्षणिक सत्र 2019-20 में केवल एक बार ही होगी। अंतिम वर्ष में बैकलॉग के तहत आने वाले विद्यार्थियों की परीक्षाएं ऑफलाइन या ऑनलाइन अनिवार्य रूप से कराई जाएंगी।
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