रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच मंगलवार को भारतीय छात्र नवीन शेखरप्पा की मौत के बाद मेडिकल छात्रा महिमा और शुभांगी के परिवार का चैन छिन गया है। दोनों के परिवारीजनों को पल-पल भारी पड़ रहा है। अब बेटियों के फोन बंद होने के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई है। शाम को तहसीलदार सदर राजस्व टीम के साथ दोनों छात्राओं के घर पहुंचीं और उन्हें आश्वास्त किया कि बेटियों को सकुशल लाया जाएगा।
कोतवाली नगर क्षेत्र के सब्जी मंडी निवासी व्यवसायी गंगा सिंह की बेटी महिमा सिंह यूक्रेन की राजधानी कीव के बुकबुलेज कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। तीन सेमेस्टर पास करने के बाद जुलाई 2021 में महिमा घर आई थी। एक माह रहने के बाद अगस्त में वापस यूक्रेन चली गई। चौथे सेमेस्टर की परीक्षा पांच मार्च को होने वाली थी। इसके बाद एक माह की छुट्टी पर महिमा घर आती। इस बीच रूस और यूक्रेन के बीच जंग छिड़ गई और वह कीव में ही फंस गई थी। वहीं, शहर के निराला नगर निवासी डॉ. प्रवीन कुमार सिंह की पुत्री शुभांगी सिंह वर्ष 2017 में यूक्रेन की राजधानी कीव में नेशनल यूनिवर्सिटी मुलेट में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए गई थी। शुभांगी का पांचवां सेमेस्टर पूरा होने वाला है। शुभांगी भी राजधानी कीव में फंसी हुई थीं। दोनों छात्राएं अन्य छात्र-छात्राओं के साथ बंकर में छिपे थे।
मंगलवार को कर्नाटक के हावेरी निवासी नवीन शेखरप्पा (21) की फायरिंग में मौत हो गई। नवीन की मौत की सूचना टीवी पर प्रसारित होते ही महिमा और शुभांगी के परिवार में हड़कंप मच गया। दोनों के परिवारीजन भगवान से बेटियों के सकुशल वतन वापसी के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। शाम को तहसीलदार सदर विदुषी सिंह, लेखपाल के साथ गंगा सिंह के घर पहुंचीं और महिमा के बारे में जानकारी ली। गंगा सिंह ने तहसीलदार को बताया कि सुबह बेटी से बात हुई थी। बेटी ने बताया कि वह कीव से निकलकर पोलैंड बॉर्डर से 46 किलोमीटर दूर लीव सिटी के बस स्टाफ पर पहुंच गई है। सुरक्षा के मद्देनजर उसे अपना फोन बंद करना पड़ेगा। बुधवार की शाम या फिर बृहस्पतिवार को वह भारत पहुंच जाएगी। उसके बाद फोन बंद हो गया।
तहसीलदार ने पूरी जानकारी लेने के बाद गंगा सिंह को आश्वस्त किया कि उनकी बेटी को हर हाल में सुरिक्षत घर पहुंचाया जाएगा। इसके बाद तहसीलदार निरालानगर में शुभांगी सिंह के घर पहुंचीं। तहसीलदार ने शुभांगी के पिता डॉ. प्रवीन कुमार सिंह और उनकी पत्नी डॉ. पूनम सिंह से बातचीत की। डॉ. पूनम सिंह ने कहा कि बेटी से बात हुई है वह लीव बस स्टेशन पर पहुंच गई है। डॉ. प्रवीन सिंह और पूनम सिंह ने कहा कि किसी तरह उनकी बेटी पोलैंड के अंदर प्रवेश कर जाए। तहसीलदार ने उन्हें बताया कि देश के चार केंद्रीय मंत्री भी छात्र-छात्राओं को लाने के लिए पोलैंड के साथ ही अन्य देशों में वायुसेना के प्लेन से गए हैं। हर हाल में सभी बच्चों को वापस लाया जाएगा।