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युवक को पीटने में दो सिपाही निलंबित

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लखनऊ। बिजनौर के किला मोहल्ले में सोमवार देर रात पति-पत्नी के विवाद में बीच-बचाव करने गए युवक सुभाष को पुलिस ने बुरी तरह पीट दिया था। आरोप है कि मोहल्ले में तो उसकी पिटाई की ही, साथ ही थाने में ले जाकर उसे रातभर पीटते रहे। सुबह हालत बिगड़ने पर थाने से छोड़ा गया। इस मामले में डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक ने आरोपी दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। वहीं इस मामले की जांच एसीपी कृष्णानगर को सौंपी है।
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डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक के मुताबिक, बिजनौर के किला मोहल्ले के मामला संज्ञान में आया। पूरी जानकारी हासिल की गई। मामले में दो सिपाहियों स्वर्ण सिंह व अरविंद चौधरी को दोषी पाया गया। दोनों को निलंबित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ एसीपी कृष्णानगर पवन गौतम को जांच सौंप दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह था मामला--
बिजनौर कस्बा के किला मोहल्ले में मुकेश की बेटी काजल रहती है। उसने ककड़कुआं के विशाल नाम के युवक से चार साल पहले प्रेम विवाह किया था। सोमवार को बिजनौर कस्बे में एक दरगाह में उर्स का कार्यक्त्रस्म था जिसे देखने के लिए काजल गई थी। इस बात पर विशाल नाराज हो गया। दोनों के बीच विवाद हो गया। मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसी बीच काजल ने अपनी मां को जानकारी दे दी। काजल की मांए उसके जीजा और पिता सहित कई लोग वहां पहुंच गए। इसके बाद वे विशाल और उसके पिता को पीटने लगे। शोरगुल सुनकर पड़ोस में रहने वाला सुभाष भी पहुंचा। उसने बीच-बचाव करना शुरू किया। इसी बीच किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने लोगों को खदेड़ना शुरू किया। पुलिस ने मौके से विशाल, उसके पिता व सुभाष को पकड़ लिया। बाकी लोग वहां से भाग गए।
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पीड़ितों के मुताबिक, पुलिस ने उन तीनों की वहीं पर जमकर पिटाई शुरू कर दी। सुभाष को पिटता देख उसकी बहन शालिनी बचाने पहुंची तो उसे भी पुलिस ने पीटा। इसके बाद पुलिस सुभाष को थाने ले गई। सुभाष का आरोप है कि वहां उसे रातभर जमकर पीटा गया। उसकी हालत बिगड़ने लगी तो पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूलने लगे। इसके बाद परिवारीजनों को थाने बुलाया गया और वहां उनको धमकाने का आरोप है। आरोप है कि पुलिस ने सुभाष के परिवारीजनों से सुपुर्दगीनामा लिखवाया और तब जाकर सुभाष को छोड़ दिया। पिटाई से बुरी तरह से जख्मी सुभाष की मंगलवार को हालत बिगड़ने लगी तो परिवारीजन लोकबंधु अस्पताल लेकर गए। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया लेकिन इसके बाद हाथ खड़े कर लिए। कहा कि पुलिस को सूचना देने के बाद ही आगे इलाज किया जाएगा।
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