लखनऊ। ईओडब्ल्यू की टीम ने बुधवार को पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर जितेंद्र कुमार को आशियाना से गिरफ्तार कर लिया। उस पर पीएमजीएसवाई योजना में सात करोड़ रुपये के गबन का मुकदमा अमेठी के गौरीगंज थाने में दर्ज है।
ईओडब्ल्यू के निरीक्षकों की टीम ने बुधवार को आशियाना सेक्टर-के स्थित एक मकान से पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर जितेंद्र कुमार को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। ईओडब्ल्यू अधिकारी के मुताबिक, जितेंद्र अमेठी में तैनात रहे हैं। उस समय उन पर पीएमजीएसवाई योजना में कार्य न कराये जाने व विभागीय नियमों को दरकिनार कर सात करोड़ रुपये गबन करने का आरोप लगा था। विभागीय जांच में आरोप सही पाया गया। इसके बाद अमेठी के गौरीगंज थाने में केस दर्ज किया गया था। इसके बाद से इंजीनियर जितेंद्र कुमार भूमिगत हो गए। तीन साल से फरार चल रहे थे। इस मामले की विवेचना गौरीगंज थाने से ईओडब्ल्यू को सौंप दी गई थी।
ईओडब्ल्यू अधिकारी के मुताबिक, सरकारी धन के गबन करने के आरोपी इंजीनियर की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। जब वह नहीं मिले तो ईओडब्ल्यू ने कोर्ट में उनको भगोड़ा घोषित करने, संपत्ति को कुर्क करने के लिए अर्जी डाली। कोर्ट के आदेश के बाद भी जितेंद्र नहीं मिले। मंगलवार को ईओडब्ल्यू की टीम को आशियाना में होने की सूचना मिली। चार निरीक्षक कृष्णपाल सिंह, संत कुमार दुबे, बीडी तिवारी, अशोक कुमार सिंह, एसआई शैलेंद्र मिश्रा की टीम ने आशियाना के दो मकानों में छापा मारा। इंजीनियर जितेंद्र का मकान आशियाना के पावर हाउस केपास था। जबकि वह सेक्टर-के स्थित एक किराये के मकान में परिवार समेत छिपकर रह रहा था। ईओडब्ल्यू की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।