सड़क निर्माण में लापरवाही मिलने पर बाराबंकी के दो सहायक अभियंताओं (एई) शशिकांत यादव और नरेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद के निरीक्षण के दौरान गड़बड़ियां मिलने पर जिम्मेदार अभियंताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके साथ ही भ्रष्टाचार के अन्य मामलों की फाइलें भी खंगाली जा रही हैं।
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने 29 अक्तूबर को बाराबंकी में विभागीय कामकाज की समीक्षा की थी। इसके बाद वह निर्माणाधीन देवा-चिनहट मार्ग का निरीक्षण करने गए। काम की रफ्तार बेहद धीमी थी। निर्माण सामग्री घटिया पाए जाने पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस पर दो जेई को पहले ही सस्पेंड कर दिया गया था। संबंधित एक्सईएन से स्पष्टीकरण मांगा गया।
अन्य मामलों की भी खंगाली जा रही फाइल
बस्ती में ‘हवा’ में 300 से ज्यादा सड़कें बनाने वाले मामले में भी तत्कालीन सहायक और अवर अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की फाइलें दबी हुई हैं। इसे उच्चस्तर पर गंभीरता से लिया गया है। इसके बाद संबंधित फाइलों को खंगाला जा रहा है। इस देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को भी कार्रवाई की जद में लाने पर संजीदगी से विचार हो रहा है। बुंदेलखंड में बबेरू मार्ग में मिली गड़बड़ियों के लिए दोषी अभियंताओं के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। गोंडा में सड़क निर्माण में मिली अनियमितताओं की जांच भी शीघ्र पूरी करके रिपोर्ट देने को कहा गया है।