सुल्तानपुर जिले के लंभुआ थाना क्षेत्र चांदा के लखनऊ-वाराणसी रेलखंड पर कसईपुर गांव के पास सोमवार दोपहर गुजर रही बेगमपुरा एक्सप्रेस की चपेट में आने से चचेरी बुआ व भतीजी की मौत हो गई। दोनों के घर रेलवे ट्रैक के निकट स्थित हैं। वह घर से बकरी चराने के लिए निकली थी। दो मौतों से पूरे गांव में मातम का माहौल है।
चांदा थाना क्षेत्र के कसईपुर गांव निवासी रामहित की पुत्री रानी (15) व उसकी चचेरी बुआ पूनम (16) पुत्री स्व. रामनाथ के घर अगल-बगल स्थित हैं। सोमवार दोपहर करीब दो बजे रानी व पूनम एक साथ घर से बकरियां चराने के लिए रेलवे ट्रैक पर गई थी। इसी बीच डाउन लाइन पर उन दोनों को सुल्तानपुर की तरफ से एक ट्रेन आते दिखी। ट्रेन काफी करीब आ चुकी थी।
इस हड़बड़ाहट में दोनों दूसरे ट्रैक पर जाने लगी। तभी अप लाइन पर बेगमपुरा अप एक्सप्रेस आ गई। बेगमपुरा एक्सप्रेस की चपेट में आने से पूनम व रानी की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रेन चालक ने महरानी पश्चिम के स्टेशन मास्टर को दुर्घटना की जानकारी दी। वहीं,
दोनों ट्रेनों के गुजरने के बाद ग्रामीणों ने बुआ-भतीजी के क्षतविक्षत शव पड़े देखे तो परिजनों को हादसे के बारे में बताया। जानकारी मिलने के बाद परिजन भी पहुंच गए। ग्रामीणों के बताने पर पहुंची चांदा थाने की पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दो परिवारों में मचा कोहराम
लंभुआ के कसईपुर गांव निवासी रामहित व स्वर्गीय रामनाथ का घर करीब में है। रामहित की बेटी रानी रिश्ते में चचेरी बुआ पूनम को बहुत मानती थी। बताया जा रहा है कि वह दोनों अक्सर साथ-साथ बकरियां चराने जाती थीं। सोमवार को भी दोनों साथ ही घर से निकली थीं। उनकी मौत से दोनों परिवारों में कोहराम मचा है।