सिलिंडर के लिए कतार में खड़े लोग।
लखनऊ। गैस सिलिंडरों की किल्लत का असर एक-दो दिन में सरकारी अस्पतालों की किचन में दिखने लगेगा। अस्पतालों में भर्ती मरीज व उनके तीमारदार इससे सीधे तौर पर प्रभावित होंगे, क्योंकि इनकी रोजाना की भोजन व्यवस्था अस्पताल की किचन से ही होती है। अस्पतालों के पास डेढ़ से दो दिन का बैकअप बचा है। यदि सिलिंडरों की आपूर्ति न हुई तो अस्पतालों की किचन बंद हो जाएगी।
बलरामपुर अस्पताल 750 बेड की क्षमता का अस्पताल है। यहां हर दिन करीब छह सौ से सात सौ मरीजों का खाना बनता है। इसके लिए दो काॅमर्शियल सिलिंडरों की खपत होती है। अस्पताल में केवल दो दिन के सिलिंडर का बैकअप बचा है। यही स्थिति सिविल अस्पताल की भी है, जहां रोजाना करीब डेढ़ सिलिंडर की खपत हाेती है। यहां भी दो दिन का बैकअप बचा है। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु के मुताबिक, अभी तक गैस की आपूर्ति लगातार हो रही है, यदि गैस मिलने में काेई अड़चन आती है तो वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लकड़ी के चूल्हे पर भी खाना बनवाने व्यवस्था की जाएगी।
सिलिंडर के लिए कतार में खड़े लोग।