लखनऊ। कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही जिसमें कथक और संस्कृति के रंग घुले। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, नारी सशक्तीकरण और लखनऊ की समृद्ध ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत के दर्शन हुए। अनुज अर्जुन मिश्रा डांस कंपनी और अकादमी ऑफ डांस एंड एक्सप्रेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कथक की प्रस्तुतियों संग होली गीतों ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. विद्या विंदु सिंह, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह और जर्मनी से आई सुप्रसिद्ध लेखिका और इंडो-जर्मन स्पेक्ट्रम की संस्थापक श्रद्धा मिश्रा की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। गणेश वंदना के बाद पंडित अनुज मिश्रा और उनके समूह ने इन्फिनिटी शीर्षक से विशेष प्रस्तुति दी।
प्रसिद्ध कथक कलाकार नेहा सिंह मिश्रा ने जब फाल्गुन रंग छलकते हैं... पर एकल नृत्य प्रस्तुति दी। अकादमी के जूनियर विद्यार्थियों ने पारंपरिक कथक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के अगले चरण में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथक गुरु पंडित अनुज मिश्रा ने गीतगोविंद पर विशेष एकल नृत्य प्रस्तुति दी। इसके बाद अकादमी के वरिष्ठ विद्यार्थियों ने समूह नृत्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का समापन मोरे मुरारी खेलें होली... पर एक विशेष कथक प्रस्तुति से हुआ।
बढ़ रही भारत की वैश्विक पहचान
इस अवसर पर लखनपुरी और लखनऊ का महत्व विषय पर संगोष्ठी भी हुई। श्रद्धा मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विशेष रूप से लखनऊ की कथक परंपरा को यूरोप में व्यापक रूप से प्रचारित और प्रसारित किया जा सकता है। भारतीय कला और संस्कृति केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी वैश्विक पहचान और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। श्रद्धा मिश्रा जर्मनी में भारतीय समुदाय और भारतीय संस्कृति से जुड़े मीडिया कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और भारतीय दूतावास के साथ विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में भी सहभागिता करती रही हैं। इंडो जर्मन स्पेक्ट्रम के माध्यम से वे भारत और जर्मनी के बीच सांस्कृतिक संवाद को सशक्त बनाने और भारतीय परंपराओं को यूरोप में प्रस्तुत करने के लिए प्रयासरत हैं।
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही।
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही।
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही।
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही।
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही।
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही।
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही।
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही।
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही।
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही।
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही।
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही।
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही।
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही।
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंगलवार की शाम रंगोत्सव के नाम रही।