फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

10 करोड़ की ठगी के दो आरोपी गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। मत्स्य पालन के नाम पर 14 महीने में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर करीब तीन सौ लोगों से दस करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले माउंटेन एलायंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर समेत दो लोगों को एसटीएफ ने शुक्रवार देर रात विभूतिखंड इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन

एसटीएफ के उपनिरीक्षक पंकज सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ की साइबर टीम ने शुक्रवार रात विभूतिखंड में ओला ऑफिस के पास से माउंटेन एलायंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर विश्वनाथ प्रसाद निषाद व उसके साथी निरंजन को गिरफ्तार कर लिया। विश्वनाथ व निरंजन लखीमपुर खीरी के पलिया कला थाना क्षेत्र के ग्राम ऐंठपुर के रहने वाले हैं। दोनों के पास से चार मोबाइल, एक आधार कार्ड, दो एटीएम कार्ड, दो चेक बुक, एक एफडी, तीन वर्क लेटर हेड व 55 वर्क कस्टमर डिटेल और 2704 आईडी बरामद हुई हैं। एसटीएफ ने दोनों को विभूतिखंड पुलिस के सुपुर्द कर दिया जहां से जेल भेजा गया है। एसटीएफ के उपनिरीक्षक पंकज सिंह ने बताया कि कंपनी के सभी बैंक खाते फ्रीज करा दिए गए हैं। साथ ही अन्य डायरेक्टरों व ब्रोकरों की तलाश की जा रही है।
ऐसे बनाते थे शिकार
लखनऊ। एसटीएफ की पूछताछ में विश्वनाथ प्रसाद निषाद ने बताया कि वर्ष 2018 में उसने माउंटेन एलायंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई थी। इसमें विश्वनाथ के साथ ही तारा चौहान व साहिल कुमार भी डायरेक्टर हैं। वर्ष 2019 में विभूतिखंड में कंपनी का ऑफिस व कॉल सेंटर खोलकर लोगों को मत्स्य पालन कर 14 माह में रकम दोगुनी करने का झांसा दिया गया। कंपनी ने दो हजार से लेकर दस लाख रुपये तक जमा कराए। 5.5 लाख रुपये जमा करने पर कंपनी द्वारा निवेशक की जमीन पर तालाब खुदवाकर उसे 14 माह तक प्रतिमाह 75 हजार रुपये का भुगतान और उसे अपने ही तालाब पर चौकीदारी के आठ हजार रुपये प्रतिमाह वेतन भी देने का झांसा दिया गया। कंपनी द्वारा निवेशकों से बाकायदा एग्रीमेंट करने के साथ ही पोस्ट डेटेड चेक भी दिए जाते थे।
विज्ञापन

निवेशकों को दिखाते थे आलीशान फॉर्म हाउस
लखनऊ। कंपनी के निदेशक विश्वनाथ प्रसाद निषाद ने भल्ला फॉर्म किराए पर ले रखा था। निवेशकों को इसी आलीशान फॉर्म हाउस में बुलाया जाता था जहां उन्हें बताते थे कि कंपनी के अपने खुद के सौ से अधिक तालाब हैं। कंपनी में निवेश कराने के लिए कई ब्रोकर रखे थे जिन्हें पांच से दस प्रतिशत कमीशन के साथ ही एक करोड़ रुपये तक निवेश कराने पर स्विफ्ट कार देने का वादा किया गया था। इस पर ब्रोकरों ने उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के करीब तीन सौ लोगों से दस करोड़ रुपये से अधिक रकम कंपनी में निवेश करा दी। इसके बाद अप्रैल 2021 में विश्वनाथ कंपनी का ऑफिस बंद कर भाग गया था। विश्वनाथ ने कंपनी के जरिए की गई ठगी की रकम से लखनऊ व उन्नाव में कई जगह जमीन खरीदने के साथ ही आठ लग्जरी कारें खरीदीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें