कोरोना की तीसरी संभावित लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। त्यौहार के दौरान हजारों लोग दूसरे जिले व राज्य से लखनऊ आए थे। इसमें सभी की मॉनिटरिंग स्वास्थ्य विभाग नहीं कर पाया। ऐसे में कोरोना के बढ़ते-घटते ग्राफ से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि त्योहार के बाद कोरोना को लेकर तीन हफ्ते अहम हैं। ऐसे में पूरी क्षमता संग जांच व कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग दायरा बढ़ाया जा रहा है।
कोरोना की पहली-दूसरी लहर लाने के लिए दूसरे राज्य व जिलों से आने वाले यात्रियों को स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार मानता है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि त्योहारों दौरान बाजारों में खूब भीड़ उमड़ी थी। कोरोना प्रोटोकाल का खुला उल्लघंन भी हुआ है। लोगों ने मास्क तक लगाना कम कर दिया। वहीं दूसरे राज्य व जिलों से हजारों की तादाद में लोग लखनऊ आकर रुके थे। त्यौहार बाद सभी यात्री वापस लौट गए। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कोरोना केस न बढ़ने पाए इसके लिए तीन हफ्ते तक विशेष सर्तकता बरतनी होगी।
अब एक केस मिलने पर 96 संपर्क तलाशे जा रहे
डिप्टी सीएमओ डॉ. मिलिंद वर्धन के मुताबिक, अब कांट्रेक्ट ट्रेसिंग का दायरा बढ़ा दिया गया। पहले एक कोरोना केस मिलने पर उसके संपर्क में आए 26 से अधिक लोगों की जांच कराई जा रही थी मगर अब केस मिलने पर उसके संपर्क में आए 96 कांट्रेक्ट तलाशे जा रहे हैं। इसमें मरीज के आफिस, घर व उसके संपर्क में आए सभी लोगों की जांच कराई जा रही है।
मास्क लगाना भूले लोग
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की माने तो दूसरी लहर खत्म होने बाद से लोग लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। लोगों ने मास्क लगाना कम कर दिया है। बाजार, आफिस समेत सभी जगह पर महज तीस प्रतिशत लोग ही मास्क का प्रयोग कर रहे हैं। यह लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकती है। डॉक्टरों ने अपील किया है कि लोग घर से निकले तो मास्क व सेनेटाइजर का प्रयोग जरूर करे।
हर रोज आठ से दस हजार लोगों की जांच होने का दावा
डिप्टी सीएमओ डॉ. मिलिंद वर्धन ने बताया जिले में कोरोना का प्रसार का पता लगाने के लिए अभी भी हर रोज करीब आठ से दस हजार लोगों की जांच की जा रही है। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट व बस स्टैंड पर जांच हो रही है। इसमें 70 प्रतिशत जांचें आरटीपीसीआर व तीस प्रतिशत एंटीजेन जांच की जा रही है।