दिमागी बुखार का कहर बढ़ता ही जा रहा है। लगातार चौथे दिन बुधवार को इससे पीड़ित तीन बच्चों ने दम तोड़ दिया। अस्पतालों में भर्ती कई बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है। तीन दिन में दिमागी बुखार के कारण 17 बच्चों की मौत हो चुकी है।
वहीं दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में बच्चों की भर्ती मुश्किल हो गई है। सिविल, बलरामपुर और लोहिया अस्पताल में 15 से अधिक बच्चे जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। बुधवार को जिन तीन बच्चों की मौत हुई उसमें कैसरबाग का शिवम, अंबेडकरनगर की अर्चना और गोंडा का आदित्य शामिल है। वहीं सिविल, बलरामपुर, लोहिया में 20 बच्चे अब भी बेहोश हैं।
कैसरबाग के रहने वाले शिवम (8) को तेज बुखार की शिकायत के बाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, शिवम का लगातार पांच दिन तक इलाज चला लेकिन उसकी हालत नहीं सुधरी। मंगलवार देर रात उसकी हालत अधिक बिगड़ गई और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। थोड़ी देर बाद शिवम की मौत हो गई।