प्रशांत कुमार ने बताया कि यूपी पुलिस प्रदेश के 32 जिलों में छानबीन कर रही है। इसमें 27 जिलों के पुलिस कप्तानों को पत्र लिखकर संबंधित जिले के लिए मिले इनपुट को सत्यापित कराया जा रहा है। जबकि कुछ जिलों में एटीएस खुद छानबीन कर रही है। जिन जिलों में यूपी एटीएस और पुलिस छानबीन कर रही है उसमें अलीगढ, आजमगढ़, आगरा, वाराणसी, कानपुर, बिजनौर, मेरठ, सहारनपुर, नोएडा, गाजियाबाद जैसे बड़े जिले शामिल हैं।
असम की संस्था के साथ काम कर चुका है उमर
वहीं एटीएस रिमांड पर आए उमर गौतम असम के मरकज-उल-मारिफ नाम की संस्था के साथ काम कर चुका है। यह संगठन बांग्लादेशी और और अन्य नागरिकों के लिए काम करता है। 2010 में उमर दिल्ली आ गया था और वहां उसने इस्लामिक दावा सेंटर नाम की संस्था खोल ली। असम की संस्था के खातों से भी उमर की संस्था के खातों में पैसों का लेन देन हुआ है। मरकज-उल-मारिफ नाम की संस्था के खिलाफ 2020 में दिसपुर और फेमा और फेरा में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
पहले हुई लंबी पूछताछ, फिर हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार किए गए तीनों व्यक्तियों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से हिरासत में लिया गया था। लंबी पूछताछ के बाद तीनों को गिरफ्तार किया गया। इसमें इरफान शेख महाराष्ट्र के बीड़ जिले के सरसाला थाना क्षेत्र का मूल निवासी है। राहुल भोला दिल्ली के उतम नगर स्थित शीशराम पार्क का रहने वाला है वहीं मन्नू यादव हरियाणा के गुड़गांव जिले के बापुर का रहने वाला है। तीनों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से हिरासत में लिया गया था। लंबी पूछताछ के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से एटीएस ने तीन मोबाइल, तीन लैपटाप, अलग अलग बैंकों की चेकबुक व पासबुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैनकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड और धर्मांतरण से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं।