सफाई अभियान के दौरान वार्डों में फॉगिंग तथा एंटी लार्वा का छिड़काव भी किया जा रहा। इसके अलावा हर नगर निगम में स्प्रे मशीन, मिस्ट गन तथा मिस्ट ब्लोअर गन जैसी मशीनों से सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है।
सफाई के काम में लगे फ्रंट लाइन वर्करों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है। 1,04,639 फ्रंट लाइन वर्करों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगाई जा चुकी है। इन्हें ग्लब्स, मास्क एवं सैनिटाइजर भी उपलब्ध कराया गया है।
निगरानी समिति में ये शामिल
निगरानी समिति में लेखपाल, रोजगार सेवक, एनजीओ, एसएचजी, कोटेदार से लेकर सफाई कर्मचारी तक शामिल हैं। ये शासन की मुहिम में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं। रोजाना टेली कन्सल्टेशन के माध्यम से डॉक्टर मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी हासिल कर रहे हैं। दिक्कत होने पर इनको हायर मेडिकल फैसिलिटी भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शनिवार को पूरे प्रदेश में व्यापक पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। 83 हजार से ज्यादा सफाईकर्मियों ने 60597 राजस्व ग्रामों में सफाई कराई गई। 22746 राजस्व ग्रामों में सैनिटाइजेशन कराया गया। 11542 राजस्व ग्रामों में फॉगिंग कराई गई। ग्राम पंचायत के सभी गांवों में नालियों की सफाई कराई जा रही है। जिससे गांव की तस्वीर बदलने लगी है और संक्रामक बीमारियों के फैलने पर रोक लगी है।
घर-घर जा रही हैं आरआरटी
कोरोना की जांच एवं उससे संबंधित जानकारी देने के लिए रैपिड रिस्पॉंस टीम (आरआरटी) भी गठित की गई हैं। 5 मई से शुरू हुए अभियान के तहत शनिवार को 1819 आरआरटी लगाई गईं जिन्होंने घर-घर जा कर लोगों की जांच की।
इन टीमों ने 44938 लोगों की कोविड जांच की जिनमें 1330 लोग पॉजिटिव मिले। इन टीमों ने ही उनकी अग्रिम जांच और दवा की जरूरत पूरी की।