- आदेश के मुताबिक इस व्यवस्था का लाभ विभाग के उन सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी, संविदा कर्मियों, दैनिक वेतनभोगियों , आउटसोर्स, स्थायी, अस्थायी तथा स्वायत्तसाशी संस्था के कार्मिकों के आश्रितों को मिल सकेगा, जो कोविड-19 के रोकथाम, उपचार व बचाव के लिए कार्यरत है।
- क्वारंटीन सेंटर की स्थापना व रखरखाव, प्रवासी श्रमिकों के रहने, भोजन आदि की व्यवस्था व पंजीकरण और रोजगार उपलब्ध कराने, ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, उसके पर्यवेक्षण आदि के दौरान किसी विभागीय कार्मिक की मृत्यु हो जाती है तो भी 50 लाख की सहायता का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा जाएगा।
- कोविड ड्यूटी के दौरान संक्रमित व संक्रमण के कारण होम आइसोलेसन में इलाज के दौरान मृत्यु होने की दशा में भी कार्मिकों के परिजनों को इसका लाभ मिलेगा।
सहायता दिलाने की जिम्मेदारी भी तय
आयुक्त ग्राम्य विकास ने कहा है मुख्य विकास अधिकारी का उतरदायित्व होगा कि जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक जिला ग्राम विकास अभिकरण, उपायुक्त श्रम/स्वत: रोजगार व मंडल मुख्यालय पर स्थित संयुक्त विकास आयुक्त से संबंधित कार्मिक के कोविड-19 की रोकथाम, उपचार व उससे बचाव के कार्य में नियुक्त होने संबंधी प्रमाण पत्र प्राप्त करें। वह जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से समन्वय स्थापित कर संबंधित कार्मिक का कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु होने का प्रमाण पत्र भी प्राप्त करेंगे।