विहिप का राम मंदिर मॉडल।
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राममंदिर निर्माण के लिए रामनगरी का जो कोना सर्वाधिक बेकरार प्रतीत होता है। वह राम जन्मभूमि न्यास कार्यशाला है। यहां सिंतबर 1991 से ही रामजन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर के लिए पत्थरों की तराशी चल रही है।
विहिप नेता अशोक सिंहल की अगुवाई में तैयार हुए मॉडल के अनुसार राममंदिर की लंबाई 268 फीट पांच इंच, चौड़ाई 140 फीट और ऊंचाई 128 फीट होगी। मंदिर में कुल 212 खंभे बनेंगे। इसमें से 16 फीट ऊंचाई के 106 खंभे पहली मंजिल पर और इतने ही खंभे 14 फीट छह इंच ऊंचाई के दूसरी मंजिल पर लगेंगे।
इन सभी खंभों में 16 मूर्तियां होंगी। मंदिर के अगले भाग में सिंहद्वार, नृत्य मंडप, रंगमंडप और गर्भगृह बनेगा। इसी गर्भगृह में भगवान राम की मूर्ति लगाई जाएगी।
श्रीराम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य व मणिरामदास की छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने दावा किया है कि राममंदिर निर्माण रामनवमी से शुरू होगा। राममंदिर निर्माण की तैयारी पूरी कर ली गई है। विहिप के प्रस्तावित मॉडल के अनुसार ही राममंदिर बनेगा।
विहिप के प्रांतीय प्रभारी शरद शर्मा का कहना है कि राममंदिर के लिए पत्थर तराशने का काम बहुत पहले से चल रहा है। हमारी मंशा है कि आम जनमानस की भावना के अनुरूप ही इन पत्थरों का उपयोग हो। ट्रस्ट को ही फैसला लेना है, हमें उम्मीद है कि आम लोगों के इन पत्थरों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।