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राजधानी के सरकारी अस्पतालों में नियोनेटल यूनिट का संकट

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सरकारी अस्पतालों में नहीं नियोनेटल वेंटिलेटर यूनिट। - फोटो : ??? ?????
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कोरोना की तीसरी संभावित लहर में बच्चों पर संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। इसके बावजूद सालभर से कम के शिशुओं के इलाज के इंतजाम स्वास्थ्य विभाग अभी तक नहीं कर पाया है। किसी भी सरकारी अस्पताल में नियोनेटल वेंटिलेटर नहीं है।
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ऐसे में गंभीर स्थिति में बच्चों को दूसरे बड़े संस्थान रेफर कर दिया जाता है। जहां ओवरलोड होने से इलाज मिलना मुश्किल रहता है और मजबूरी में तीमारदार बच्चों को निजी अस्पताल ले जाते हैं।
वहीं, ड्रग कॉर्पोरेशन ने नियोनेटल वेंटिलेटर खरीद का पूरा खाका तैयार कर फाइल शासन को भेजी, पर अभी तक पैसा जारी नहीं हो पाया है।
कोरोना की तीसरी संभावित लहर से निपटने के लिए सभी सरकारी अस्पतालों को तैयार किया जा रहा है। एक साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर की सुविधा है, पर सालभर से कम के बच्चों के लिए इंतजाम नहीं है।
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सिविल अस्पताल में आठ वेंटिलेटर बच्चों के लिए लगे हैं, मगर यह एक साल से कम बच्चों पर कारगर नहीं होंगे। अस्पताल में नियोनेटल यूनिट नहीं है। इसी तरह लोकबंधु अस्पताल में 39 वेंटिलेटर होने संग पीआईसीयू हैं, मगर नियोनेटल यूनिट नहीं है।
ऐसे में एक साल से कम उम्र के गंभीर बच्चें आने पर केजीएमयू व लोहिया संस्थान भेजा जाता है। जहां गैर जनपद से आने वाले मरीजों का लोड रहता है।
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए एक साल से कम उम्र बच्चों के वेंटिलेटर खरीद के लिए ड्रग कॉर्पोरेशन ने करीब 23 करोड़ रुपये शासन से मांगे थे। इनसे करीब 150 वेंटिलेटर खरीदने का खाका तैयार हुआ था।
एक नियोनेटल वेंटिलेटर करीब 16 लाख में खरीदा जाना था। ड्रग कॉर्पोरेशन की प्रबंध निदेशक कंचन वर्मा ने वेंटिलेटर खरीद की राशि जारी करने की मांग की थी, लेकिन शासन में प्रक्रिया अटकी है।
पीजीआई की गोपनीय रिपोर्ट लीक होने के बाद से शासन के अफसरों ने एक बार फिर बच्चों के वेंटिलेटर खरीदने की प्रक्रिया पर मंथन शुरू किया है।
महिला अस्पतालों में पीआईसीयू, नियोनेटल यूनिट नहीं
डफरिन में रोज करीब आठ से दस डिलीवरी होती हैं, पर एक भी वेंटिलेटर नहीं है। ऐसे में गंभीर बच्चों को दूसरे संस्थान भेजा जाता है। यही स्थिति झलकारीबाई समेत अन्य महिला अस्पतालों की है। जहां एक भी पीाईसीयू और नियोनेटल वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है।
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