लखनऊ। महानगर स्थित भाऊराव संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों के खून के नमूने फ्रिज के बजाय कमरे के सामान्य तापमान में रखे जा रहे हैं। इससे हार्मोनल समेत दूसरी जांचों के लिए जरूरी कोल्ड चेन का पालन नहीं हो पा रहा है। इससे जांच रिपोर्ट की प्रमाणिकता पर सवाल उठ रहे हैं। कई मरीजों ने रिपोर्ट सही न आने का आरोप भी लगाया है।
अस्पताल की इमरजेंसी के बगल के 25 नंबर कमरे में रोजाना करीब 250 मरीजों के नमूने सुबह आठ बजे से लिए जाते हैं। इनमें से करीब 50 हार्मोनल और आयरन प्रोफाइल, थायराइड, विटामिन बी-12, विटामिन डी, एलएच-पीजी, बीटा एचसीजी और एलाइजा जैसी विशेष जांचों के होते हैं। इस भीषण गर्मी में इन नमूनों को दोपहर दो बजे तक कमरे के सामान्य तापमान में ही रखा जाता है। इसका कारण कमरे में एसी या फ्रिज का न होना है। दोपहर दो बजे नमूने बीकेटी के साढ़ामऊ स्थित राम सागर मिश्र हॉस्पिटल भेजे जाते हैं।
यह लापरवाही तब बरती जा रही है जब खून की सही जांच के लिए नमूनों को निश्चित तापमान में रखना बेहद जरूरी होता है। तापमान नियंत्रित न रहने पर रिपोर्ट प्रभावित हो सकती है, जिसका असर मरीजों के इलाज पर पड़ने का खतरा रहता है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. रंजीत दीक्षित के मुताबिक मामले को दिखवाया जाएगा। नमूने निश्चित तापमान में ही रखवाए जाएंगे।