लखनऊ। दुबग्गा स्थित निजी अस्पताल में हड्डी के ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत हो गई। इसकी जानकारी पर परिजनों ने हंगामा किया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। जांच में दोषी मिलने पर अस्पताल के संचालन पर रोक लगाई जाएगी।
हरदोई के थाना बघौली स्थित गांव मढरिया खेड़ा के महेश के बेटा सूरज (18) का पैर हादसे में जख्मी हो गया था। परिजन पहले उसे शहर के निजी अस्पताल ले गए। वहां से दलाल ने दुबग्गा स्थित किसान हॉस्पिटल रेफर करवा लिया, जहां 13 अप्रैल को सूरज को भर्ती कराया था।
परिजनों का आरोप है कि किसान अस्पताल के बजाय दूसरे निजी अस्पताल ले जाकर सूरज का ऑपरेशन किया गया। इसके बाद उसे फिर किसान हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया गया। इस दौरान उन्हें सूरज से मिलने तक नहीं दिया गया।
महेश का आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण 15 अप्रैल की सुबह दस बजे बेटे की मौत हो गई। इसकी जानकारी पर परिजनों ने हंगामा किया तो स्टाफ ने धमकाकर शव वापस भेज दिया। महेश ने इसी महीने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से शिकायत की। इसके बाद सीएमओ को मामले की जांच सौंपी गई है।
नर्सिंग होम के नोडल डॉ. एपी सिंह ने बताया कि जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। इसमें आर्थोपेडिक, बेहोशी समेत अन्य विधा के विशेषज्ञों को रखा गया है। कमेटी ने अस्पताल संचालक को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है। जांच में लापरवाही के आरोप सही मिले तो अस्पताल संचालक के खिलाफ एफआईआर की संस्तुति होगी।
कोट्स
मरीज के परिजनों के आरोप गलत हैं। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है। ऑपरेशन के बाद दिल का दौरा पड़ जाने से मरीज की जान गई है।
- जफर, संचालक, किसान हॉस्पिटल