रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल में डॉक्टरों ने प्रसव के बाद महिला के टांके टूटने के बाद डॉक्टरों ने इलाज करने की बजाए उसे शटल कॉक बना दिया।
मवैया, गढ़ी किनौरा निवासी अनिल शाहू की पत्नी मिथलेस शाहू (28) का 28 अप्रैल को रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन से प्रसव हुआ था।
अनिल ने बताया कि प्रसव के दो दिन बाद बाथरूम जाते वक्त वो अचानक फिसल गई। इससे उसका टांका टूट गया और रक्स्राव होने लगा।
डॉक्टरों ने मरहम पट्टी के बाद डिस्चार्ज कर दिया। परिवारीजन प्रसूता को लेकर घर चले गए, लेकिन रक्स्राव बंद नहीं हुआ।
इसके बाद परिवारीजन प्रसूता को लेकर अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने केजीएमयू रेफर कर दिया। शुक्रवार को जब परिवारीजन ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो डॉक्टरों ने सर्जरी विभाग रेफर कर दिया।
सर्जरी विभाग ने के डॉक्टरों ने महिला का मामला बताकर क्वीन मेरी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने दूसरे अस्पताल का केस बताकर भर्ती करने से मना कर दिया।
इसके बाद परिवारीजन प्रसूता को लेकर आरएलबी अस्पताल पहुंचे। इसके बाद उसे भर्ती कर लिया गया, लेकिन शरीर से अधिक रक्स्राव होने से उसकी हालत नाजुक है।
वहीं, केजीएमयू के सीमएएस डॉ. एससी तिवारी का कहना है कि मामले की कोई शिकायत नहीं मिली है। गंभीर हालत में आई प्रसूता को इलाज मिलना चाहिए।
वहीं, आरएलबी के प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्रसूता का इलाज किया जा रहा है और उसकी रिकवरी तेजी से हो रही है।
लोहिया अस्पताल में प्रसव के बाद प्रसूता के परिवारीजनों से पैसा मांगा। घरवालों ने अपनी इच्छानुसार पैसा दे दिया तो वार्ड आया ने सो रही प्रसूता को तमाचा जड़ दिया।
मामले की जानकारी परिवारीजनों को मिली तो उन्होंने अस्पताल में हंगामा किया।
इसके बाद वार्ड में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के कहने पर पैसा मांगने वाले कर्मचारी ने माफी मांगी, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
चिनहट निवासी अंबर सिंह की पत्नी पूनम सिंह (25) का बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे लोहिया महिला अस्पताल में प्रसव हुआ।
अंबर ने बताया कि प्रसव के बाद अस्पताल के कर्मचारियों और वार्ड आया ने पैसे मांगने शुरू कर दिए।
इसके बाद परिवारीजनों ने कर्मचारियों को पचास-पचास रुपये दे दिए। जब वार्ड आया को पचास रुपये दिए तो उसने बेड पर सो रही प्रसूता को झिड़कते हुए तमाचा जड़ दिया।
इससे नाराज परिवारीजनों ने सुबह पांच बजे हंगामा किया।
इससे अस्पताल में अफरातफरी मच गई। डॉक्टरों को जब सूचना मिली तो प्रसूता के साथ बदसलूकी करने वाले कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए माफी मंगवाई। जिसके बाद मामला शांत हुआ।
वहीं, अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरसी अग्रवाल का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है।
अगर अस्पताल में ऐसी कोई घटना हुई है तो ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों से पूछताछ कर मामले की छानबीन की जाएगी।