एनआरएचएम घोटाले के मुख्य आरोपियों की आय से अधिक संपत्ति की जांच कर रही
ईडी पूर्व मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा से जुड़ी कुछ और संपत्तियों को सीज करने
की तैयारी कर रही है।
यह संपत्तियां कानपुर और बांदा में हैं। इनके बारे में ईडी साक्ष्य हासिल करने की कोशिश कर रही है।
ईडी ने पहले भी इस मामले में पूर्व मंत्री कुशवाहा, पूर्व एमएलए आरपी जायसवाल व अन्य की कई करोड़ रुपये की संपत्ति सीज की है।
ईडी ने इन सभी संपत्तियों की सीज करने के साथ ही वहां नोटिस चस्पा कर दिए थे।
इसके बाद ईडी ने इस सारी कार्रवाई की औपचारिक रिपोर्ट केंद्रीय न्याय निर्णयन प्राधिकरण को रिपोर्ट दे दी थी।
यह रिपोर्ट मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा, उनकी पत्नी शिवकन्या कुशवाहा, रिश्तेदार गया प्रसाद व पूर्व एमएलए आरपी जायसवाल के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट के साथ भेजी गई।
ईडी के सूत्रों का कहना है कि इस बीच इन आरोपियों के खिलाफ जारी पड़ताल में कई और संपत्तियों के बारे में जानकारी सामने आई है।
इनमें से कुछ संपत्ति पूर्व मंत्री से जुड़ी बताई जा रही है जो बांदा व कानपुर में है। कानपुर में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी दो बड़ी कंपनियों में पूर्व मंत्री की काली कमाई के निवेश के साक्ष्य सामने आ रहे हैं।
इस आधार पर ईडी अब इन दोनों कंपनियों की संपत्तियों के दस्तावेज खंगाल कर यह देख रही है कि किसमें पूर्व मंत्री की रकम का निवेश किया गया है। जिस संपत्ति में ऐसे निवेश की पुष्टि होगी, उसे सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे ही बांदा में कृषि योग्य कई एकड़ भूमि के पूर्व मंत्री की ऊपरी कमाई से खरीदे जाने की सूचना सामने आई है। ईडी इसकी भी पड़ताल कर रही है।