रक्षा प्रतिष्ठानों पर आतंकी हमले की साजिश रच रहे संभल के माड्यूल के हैंडलर और बाकी सक्रिय सदस्यों को यूपी एटीएस तलाश रही है। उनकी तलाश में एटीएस यूपी और बिहार में लगातार छापे मार रही है। अभी तक हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ में सामने आया है कि वह सिग्नल मोबाइल एप पर अल मौत उल हिंद नाम के ग्रुप से जुड़े थे। इस ग्रुप पर आतंकी हमला करने की ट्रेनिंग के वीडियो भेजे जाते थे। राजधानी स्थित एटीएस थाने में मुरादाबाद यूनिट ने इस मामले का मुकदमा भी दर्ज कराया है।
सूत्रों की मानें तो एटीएस ने पूछताछ के बाद संभल से पकड़े गए युवकों में से दो को नाबालिग होने की वजह से छोड़ दिया, हालांकि उनके मोबाइल जब्त कर सोशल मीडिया अकाउंट्स को अभी खंगाला जा रहा है। इस ग्रुप से 100 से अधिक युवाओं के जुड़े होने के एटीएस को सुराग मिले हैं, जिसके बाद बाकी सदस्यों की तलाश की जा रही है। यह भी पता चला है कि उन्होंने इसी तरह व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर भी ग्रुप बनाए हैं, जिनमें भारत के साथ फिलिस्तीन के युवाओं को भी तेजी से जोड़ने की कवायद की जा रही थी।
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इनमें भारत और इजराइल में मुस्लिमों के उत्पीड़न का दावा करके युवाओं को बरगलाया जाता था। एटीएस की हिरासत में आए युवकों ने कबूला है कि उनके निशाने पर कुछ कट्टर हिंदूवादी संगठनों के प्रमुख नेता भी थे, हालांकि उनके नामों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। बता दें कि बीते दिनों संभल हिंसा का मामला सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियां लगातार जिले पर नजर रख रही थी।
इसी दौरान सोशल मीडिया पर कुछ युवकों की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने पर उनकी तलाश शुरू कर दी गई थी। उनके खतरनाक मंसूबों को देखने के बाद एटीएस इस माड्यूल से जुड़े कुछ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। एटीएस इस मामले में जल्द बड़ा खुलासा करने की तैयारी में है।