राजधानी में ओमिक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पीएचसी-सीएचसी व सौ शैय्या अस्पतालों में प्री फेब कंस्ट्रक्शन के जरिये अस्थाई अस्पताल बनाए जाएंगे।
इनमें आईसीयू व सामान्य समेत करीब 300 बेड रहेंगे। करीब छह करोड़ की लागत से एनएचएम के जरिये यह कार्य कराए जाने की स्वीकृति दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने पहले से सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में बेड रिजर्व कर रखे हैं। इसके बाद भी मरीजों की तादाद बढ़ी तो इन अस्थायी अस्पतालों से स्थिति को संभाला जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने उन अस्पतालों की सूची भी तैयार कर ली है, जहां काम होना है। जनवरी के आखिर तक यह अस्पताल बना दिए जाएंगे।
पीएचसी पर छह बेड, सीएचसी पर 20 बेड का होगा अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की माने तो पीएचसी स्तर पर छह बेड का अस्थाई अस्पताल बनाया जाएगा। आठ पीएचसी पर ये अस्थाई अस्पताल बनेंगे, लेकिन यहां आईसीयू की सुविधा नहीं होगी, जबकि सीएचसी स्तर पर 20 बेड का अस्पताल बनेगा। यहां आठ बेड आईसीयू के रखे जाएंगे। गोसाईंगंज, काकोरी सीएचसी छोड़कर बाकी नौ सीएचसी पर यह अस्पताल जनवरी के आखिर तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
50-100 बेड वाले अस्पताल में आईसीयू के बेड अधिक
जिले के 50 बेड वाले अस्पतालों में 32 बेड का अस्पताल बनेगा। इसमें 12 बेड आईसीयू के होंगे, जबकि 100 बेड के अस्पताल में 42 बेड होंगे। इसमें भी 12 बेड आईसीयू के रखे जाने संग अन्य सुविधाओं से लैस किया जाएगा।