सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जून के अंत तक 72,825 शिक्षकों की भर्ती हो जाएगी लेकिन अभी भी प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसका कारण पुराने विज्ञापन के आधार पर शिक्षकों की भर्ती होना है।
राजधानी में मंगलवार को लक्ष्मण मेला मैदान पर बड़ी संख्या में एकत्र बीएड 2012 के अभ्यर्थियों ने बैठक कर नियुक्ति की मांग को लेकर रणनीति बनाई।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य नरेंद्र यादव ने बताया कि इन लोगों ने वर्ष 2012 को प्राइमरी शिक्षकों के 72825 पदों के लिए आवेदन किया था।
मगर अब सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के अनुपालन में सरकार द्वारा पुराने विज्ञापन से भर्ती प्रक्रिया होने जा रही है। जिससे इन स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में है।
ये है अभ्यर्थियों की मांग
ऐसे में अब स्टूडेंट इस ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कर रहे हैं कि वह इनकी मदद करें और इनके पक्ष में फैसले के लिए मददगार साबित हो।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जिस तरह 30 नवंबर 2011 के विज्ञापन के आधार पर भर्ती प्रक्रिया हो रही है उसी तरह 7 दिसंबर 2012 को निकाले गए विज्ञापन के आधार पर भर्ती हो।
क्योंकि हम सभी अभ्यर्थी पुराने विज्ञान जो कि 2011 में जारी हुआ था उसमें आवेदन नहीं कर पाए थे इसलिए भर्ती प्रक्रिया से ही बाहर हो गए थे।
फीड हुए आवेदन
राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 72,825 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया और तेज कर दी है। वर्ष 2011 में आए हुए आवेदनों को सभी जिलों में कंप्यूटर पर फीड कर लिया गया है।
उस समय जिलों से कुल 68,59,210 आवेदन प्राप्त हुए, इसमें से 72,133 ने वापस ले लिए व मौजूदा समय विभाग के पास 67,87,077 आवेदन है।
सचिव बेसिक शिक्षा नीतीश्वर कुमार ने नेशनल इंफॉरमेटिक सेंटर (एनआईसी) के अफसरों के साथ बेसिक शिक्षा अधिकारियों की बुधवार को बैठक बुलाई है।
इसमें कंप्यूटर पर फीड किए गए विवरण को ऑनलाइन करने के बारे में उन्हें जानकारी दी जाएगी।
इस तरह होगी काउंसलिंग
शिक्षक भर्ती के संबंध में सभी ब्यौरे को ऑनलाइन करने के साथ इस पर प्रत्यावेदन देने का कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
इसके साथ ही जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्राचार्यों से यह प्रमाण पत्र भी मांगा गया है कि वर्ष 2011 में शिक्षक भर्ती के लिए आए हुए आवेदनों को शासन से दिए गए निर्देश के आधार पर ही फीड किया गया है।
आवेदन संबंधी ब्यौरे को ऑनलाइन किए जाने के बाद आवेदक अपने मूल आवेदन से इसका मिलान कर सकेंगे।
किसी प्रकार की यदि इसमें कोई कमी होगी तो उन्हें प्रत्यावेदन देने का मौका दिया जाएगा। फाइनल सूची जारी करने के साथ ही काउंसलिंग संबंधी कार्यक्रम जारी किए जाएंगे।