हैवतमऊ प्राथमिक विद्यालय हो या फिर बीकेटी के इंदौराबाद, देवरिया कला समेत राजधानी में आठवीं तक के 2050 परिषदीय, अनुदानित स्कूलों व मदरसों में बुधवार से बच्चों को मिड डे मील दिया जाना था।
गर्मी की छुट्टियों के चलते शिक्षकों ने विद्यालय आने से मना कर दिया। ज्यादातर स्कूलों में ताला पड़ा रहा। मुश्किल से दस फीसदी स्कूलों में ही बच्चों को मिड-डे मील मिला। दो लाख के करीब बच्चे स्कूल बंद होने के कारण भूखे ही लौट गए।
पहले दिन ही शासन की मंशा शिक्षकों की जिद के आगे फेल हो गई। वैसे तो मिड डे मील केवल स्कूल खुलने के दिन ही दिया जाता है, लेकिन सूखाग्रस्त घोषित 58 जिलों में शामिल होने की वजह से लखनऊ के स्कूलों में भी मिड डे मील दिया जाना है। शासन ने 21 मई से मिड डे मील देने के निर्देश दिए थे।