उन्होंने ईद मीलादउन्नबी के जलसों के जरिये अमन का पैगाम आम करने की जरूरत बताई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना हसनैन बकाई ने कहा कि जुमे की नमाज और जलसों में अमन व शांति की अपील करने से अच्छा पैगाम जाएगा।
उन्होंने धर्मगुरुओं से सोशल मीडिया पर शांति की अपील के शॉर्ट क्लिप बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला जो भी हो, हमें किसी भी कौम की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बयान नहीं देना है।
बैठक में आरिम अली चिश्ती, जलालुद्दीन मशहदी, जावेद अली, अजमल निजामी, तसव्वुर चिश्ती, आली मुस्तफा, तसलीम रहमानी, फैजयाब शाह वारसी, तहकीक रिजवी, मुस्तफा बख्तियार मौजूद रहे।