राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों से पुरस्कार लेते नगर विकास मंत्री ए के शर्मा
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स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 में यूपी के दो शहरों को जहां राष्ट्रीय स्तरीय पर पुरस्कृत किया गया है, वहीं, लखनऊ समेत कुल 10 शहरों को स्वच्छता में बेहतर काम करने के लिए राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया गया है। जिन दो शहरों को राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है, उनमें वाराणसी और प्रयागराज नगर निगम को क्लीन गंगा सिटी के तौर पर पुरस्कृत किया गया है। जबकि लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, फिरोजाबाद,झांसी, गोरखपुर और वाराणसी ने राज्य स्तर पर पुरस्कार हासिल किया है।
नई दिल्ली में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से यह पुरस्कार नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने प्राप्त किया। इसके अलावा नोएडा, गाजियाबाद और अलीगढ़ को क्षेत्रीय पुरस्कार भी मिला है। यूपी में कचरा मुक्त शहरों (जीएफसी) में उत्कृष्ठ प्रदर्शन और रैंकिंग में जबरदस्त सुधार हुआ है। ऐसे शहरों में पिछले दो वर्षों में 13 गुना की वृद्धि हुई है। वाराणसी को थ्री स्टार गार्ब्रेज फ्री सिटी रेटिंग और प्रयागराज को वाटर प्लस सिटी का दर्जा भी मिला है।
क्लीन गंगा सिटी के तौर पर वाराणसी को पहला जबकि प्रयागराज को दूसरा स्थान मिला है। देश में जोनल स्तर पर उत्तर भारत क्षेत्र में यूपी के तीन शहरों को क्लीन सिटी नार्थ जोन का भी पुरस्कार मिला। इनमें बरवर, अनूपशहर और गजरौला शामिल हैं। वहीं, एक लाख से 10 लाख तक की आबादी श्रेणी में नोएडा को भी 'गार्बेज फ्री सिटी' में 'फाइव स्टार' रैकिंग और पहली बार 'वॉटर प्लस सट्रिफिकेट' हासिल हुआ है।
गार्बेज फ्री सिटी (जीएफसी) शहरों में वन स्टार के 56, थ्री स्टार में आठ और फाइव स्टार में एक शहर शामिल हैं। इस वर्ष यूपी के सभी शहर ओडीएफ हो गए हैं। ओडीएफ की विभिन्न श्रेणी में दो निकायों को पहली बार वाटर प्लस प्रमाण पत्र मिला है। यूपी ने यह वॉटर प्लस प्रमाण पत्र पहले कभी नहीं मिला था। ओडीएफ की अन्य श्रेणी में 129 निकायों को ओडीएफ डबल प्लस का प्रमाण पत्र मिला है। पिछले साल 40 को ही मिला था। 435 निकायों को ओडीएफ का प्रमाण पत्र मिला है। सभी श्रेणियों को मिलाकर यूपी के सभी शहर अब ओडीएफ हो गए हैं।
यूपी में 65 शहरों को कचरामुक्त होने का प्रमाण पत्र दिया गया है। वर्ष 2021 में केवल पांच शहर कचरा मुक्त घोषित किए गए थे। यूपी ने दो सालों में 13 गुना की वृद्धि की है। इस साल यूपी के सभी शहर खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित किए गए हैं। ओडीएफ की विभिन्न श्रेणी में दो निकायों ने पहली बार वाटर प्लस का प्रमाण पत्र प्राप्त किया है। ओडीएफ की अन्य श्रेणी में 129 निकायों को ओडीएफ डबल प्लस के रूप में प्रमाणित किया गया है। पिछले साल यह आंकड़ा 40 था। 435 यूएलबीएस को ओडीएफ प्लस के रूप में प्रमाणित किया गया है जबकि पिछले साल यह संख्या 411 थी।
'राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले 13 शहरों में से 2 यूपी के ही हैं। यूपी ने शहरी प्रबंधन में बड़ा बदलाव हुआ है। हम अगले साल और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।'
-एके शर्मा, नगर विकास मंत्री