हैदरगढ़ (बाराबंकी)। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि की रजिस्ट्री कराने में शासन को लाखों की क्षति पहुंचाने वाले लेखपाल को डीएम ने निलंबित कर दिया है। निलंबित लेखपाल वर्तमान में रामसनेहीघाट तहसील में कार्यरत है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे भूमि मामले में धांधली को लेकर यह दूसरा निलंबन है।
बृहस्पतिवार को डीएम ने रामसनेहीघाट तहसील में कार्यरत लेखपाल इंद्रमणी त्रिपाठी को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे भूमि खरीद मामले में धांधली के आरोप में निलंबित कर दिया है। निलंबित लेखपाल हैदरगढ़ तहसील के जरौली में लेखपाल रहने के दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण कर किसानों से रजिस्ट्री कराई थी।
भूमि संख्या 26 व 48 की रजिस्ट्री में 57 लाख 89,200 रुपये की शासन को क्षति हुई है। मामला पकड़ में आने पर 12 अगस्त को आरोप पत्र दिया गया था। 26 अगस्त को जवाब दिया था। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर डीएम का निलंबन आदेश रामसनेहीघाट तहसील पहुंचने पर राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले में लेखपाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।