तहरीर के मुताबिक, वह अपने हमराही हेड कांस्टेबिल रामदेव प्रजापति के साथ शासन व प्रशासन की ओर से कोविड-19 के संबंध में पारित लॉकडाउन के अनुपालन में 22 नवंबर की रात गश्त कर रहे थे। रात करीब 10.45 बजे बोरा फैक्टरी न्यू हैदरगंज जब पहुंचे तो वहां देखा कि अरुण वर्मा बिना सैनिटाइजर रखे फास्ट फूड की दुकान खोले बैठे थे। कुछ अज्ञात लोग दुकान से खरीदारी कर रहे थे तो कुछ वहां खड़े होकर खा रहे थे।
जैसे ही पुलिस वालों को देखा तो भाग निकले, जबकि शासन व प्रशासन का आदेश है कि रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक संपूर्ण लॉकडाउन रहेगा। अभियुक्त अरुण वर्मा द्वारा किया गया यह कृत्य धारा 188/269 भादवि व 3 महामारी अधिनियम का अपराध है। दरोगा जगदीश प्रसाद पांडेय के इस तहरीर पर थाने में तैनात पुलिस कर्मियों ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
लॉकडाउन का हवाला देकर ठाकुरगंज थाने में दर्ज मुकदमे के संबंध में डीसीपी पश्चिम देवेश पांडेय से बात की गई। डीसीपी पश्चिम ने खुद ही सवाल किया कि कोई ऐसा आदेश जारी हुआ है क्या? इसके बाद जब मुकदमे के बारे में कहा गया तो उन्होंने केस की प्रति मांगी। अब सवाल यह है कि कहीं पुलिस लॉकडाउन व कोविड-19 के नाम पर आम लोगों को प्रताड़ित तो नहीं कर रही है।