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लखनऊ विश्वविद्यालय के मेस में अब 'फास्टफूड ऑन डिमांड', छात्रों से सुझाव लेकर बनाया जा रहा मेन्यू

Fri, 31 Jan 2020 05:18 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ विश्वविद्यालय की मेस में छात्रों को जल्द ही फास्ट फूड भी खाने को मिलेंगे। छात्रों के सुझाव पर इस बदलाव की कवायद सेंट्रल मेस कमेटी की ओर से की जा रही है। इस क्रम में जल्द ही विद्यार्थियों के खाने के मेन्यू में बदलाव होगा। मेन्यू को हर महीने-दो महीने में संशोधित किया जाएगा। जल्द ही मेन्यू को अंतिम रूप देकर छात्रों को उसके अनुसार खाना दिया जाएगा।

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सेंट्रल मेस के खाने में गड़बड़ी व गुणवत्ता का मुद्दा समय-समय पर उठता रहा है। कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने मेस का निरीक्षण किया और छात्रों ने भी खाने की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए आवेदन दिया था। इसके बाद उन्होंने प्रो. एनके पांडेय के नेतृत्व में एक सेंट्रल मेस कमेटी का गठन किया है, जो लगातार विद्यार्थियों व सेंट्रल मेस संचालक के संपर्क में है।

वो नियमित खाने की गुणवत्ता भी चेक कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने विद्यार्थियों से खाने के मेन्यू में बदलाव के लिए भी सुझाव मांगे थे। छात्र अधिष्ठाता कल्याण प्रो. पूूनम टंडन ने बताया कि छात्रों ने फास्ट फूड व सीजन के अनुसार खाने में बदलाव की मांग की है। छात्रों के सुझाव को चीफ प्रोवोस्ट प्रो. मनुका खन्ना के पास भेजा गया है।
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ताकि वे इसे देखकर इसके अनुसार मेन्यू को अंतिम रूप दें। नए मेन्यू को विद्यार्थियों से चर्चा के बाद लागू किया जाएगा। विवि प्रशासन की कवायद है कि छात्रों को बेहतर खान-पान की सुविधा दी जा सके। उन्होंने बताया कि इसमें काफी बदलाव भी आया है। साफ-सफाई आदि व्यवस्था भी बेहतर हुई है।

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बंद कैंटीनें चलेंगी, मिल्क बूथ भी खुलेंगे

सेंट्रल मेस परिसर में छात्र गतिविधियां भी होंगी
मेस संचालन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार सेंट्रल मेस परिसर का प्रयोग आने वाले दिनों में छात्र गतिविधियों के संचालन के लिए भी किया जाएगा। कभी पोस्टर प्रतियोगिता, कभी निबंध प्रतियोगिता, कभी सांस्कृतिक तो कभी धार्मिक गतिविधियों का भी आयोजन यहां किया जाएगा। इस तरह सेंट्रल मेस को खाने के साथ नाश्ते आदि की एक कैंटीन के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जिसका लाभ कैंटीन वाले के साथ छात्रों को भी मिलेगा।

विवि प्रशासन यह भी कवायद कर रहा है कि परिसर में छात्रसंघ भवन के पास व ओएनजीसी बिल्डिंग के सामने बंद पड़ी पुरानी कैंटीनों को दोबारा संचालित किया जाए। साथ ही पराग व अमूल के बूथ भी खोलने की कवायद चल रही है। इसके लिए अधिकारियों से चर्चा चल रही है। विवि प्रशासन के अनुसार अभी जो कैंटीन उपलब्ध हैं वह छात्रों के लिए अपर्याप्त हैं, जिसकी वजह से इनकी संख्या बढ़ाना जरूरी है।
 
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