सीबीएसई स्कूलों के संगठन की सदस्य व वरदान इंटरनेशनल एकेडमी की प्रधानाचार्य ऋचा खन्ना ने बताया कि स्कूलों के प्रतिनिधियों की बैठक में सभी ने बोर्ड परीक्षा को लेकर सुझाव दिए। सभी स्कूलों ने कम से कम एक महीना अतिरिक्त समय मांगा है। ऑनलाइन कक्षाओं से अधिकतर सिलेबस तो पूरा कर लिया गया है, लेकिन प्रैक्टिकल बाकी हैं।
ऐसे में सुझाव दिया गया है कि वे प्रैक्टिकल की परीक्षा एक महीने बाद लें। आमतौर पर प्रैक्टिकल परीक्षा 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच होती है, लेकिन इस बार स्कूलों ने इसे एक महीना टालने की मांग की है। ताकि छात्रों को छोटे-छोटे समूह में बुलाकर प्रैक्टिकल कराया जा सके। ऐसे में जनवरी में होने वाली प्री बोर्ड परीक्षा भी एक महीना बाद होगी। ऐसी स्थिति में संभावना है कि बोर्ड परीक्षा फरवरी के बजाय मार्च में होगी।
स्कूलों के मुताबिक इस बार गृह परीक्षाएं भी एक महीने तक खिसक जाएंगी। आमतौर पर स्कूलों को मार्च तक गृह परीक्षाएं संपन्न कराकर परीक्षा परिणाम जारी करने का आदेश होता है, ताकि एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र चालू कर सकें। लेकिन इस बार स्कूलों को गृह परीक्षा कराने की छूट दी जाएगी। सेंट जोसेफ कॉलेज के एमडी अनिल अग्रवाल ने बताया कि इस बार गृह परीक्षाएं निर्धारित समय से एक महीने बाद कराई जा सकती हैं। बोर्ड से इसकी अनुमति मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐसी तैयारी है कि बोर्ड परीक्षा इस बार फरवरी के बजाय मार्च में होगी। वहीं गृह परीक्षाएं भी बाद में कराई जाएंगी ताकि स्कूलों पर बोर्ड परीक्षा के दौरान ही गृह परीक्षा कराने का बोझ ना हो।