राजधानी में बुधवार सुबह से ही घने बादलों की आवाजाही से माैसम सुहाना रहा। दोपहर में लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में तेज आंधी-बारिश देखने को मिली। शहरी इलाकों में तेज हवा के साथ कहीं फुहारें पड़ीं तो कहीं हल्की बारिश हुई। 30 से 40 किमी प्रति घंटे रफ्तार वाली हवाओं ने गर्मी और उमस को उड़ा दिया। शाम तक लखनऊ में 4.1 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बारिश के बारे में कृषि विशेषज्ञ डॉ सत्येंद्र सिंह बताते हैं कि इस वक्त हो रही बारिश से धान की फसल को फायदा है। किसान अपने खेत तैयार कर रहे हैं। धान की नर्सरी भी तैयार हो रही है। मोटे अनाजों की बोआई के लिए भी बारिश अच्छी साबित होगी। मक्का, सामा, कोदा और काकून आदि की बोआई के लिए एकदम सही समय है, क्योंकि इसके लिए नमी की जरूरत होती है।
कृषि विशेषज्ञ मानते हैं कि इस बारिश से आम की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। जहां आम की मिठास कम होने की आशंका है, वहीं फल में कीड़े लगने की आशंका बन जाती है। हरी सब्जियों के लिए भी यह बारिश ठीक नहीं है। लौकी, करेला, भिंडी, तोरई जैसी सब्जियां खराब हो जाती हैं।