राजधानी में बुधवार सुबह से ही घने बादलों की आवाजाही से माैसम सुहाना रहा। दोपहर में लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में तेज आंधी-बारिश देखने को मिली। शहरी इलाकों में तेज हवा के साथ कहीं फुहारें पड़ीं तो कहीं हल्की बारिश हुई। 30 से 40 किमी प्रति घंटे रफ्तार वाली हवाओं ने गर्मी और उमस को उड़ा दिया। शाम तक लखनऊ में 4.1 मिमी बारिश दर्ज की गई।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि बृहस्पतिवार को भी लखनऊ में बादलों की मौजूदगी देखने को मिली, लेकिन बारिश की उम्मीद कम रही । बृहस्पतिवार से शुष्क और गर्म पछुआ के जोर से तापमान में बढ़ोतरी आएगी। बुधवार को लखनऊ में दिन का अधिकतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस की उछाल के साथ 37.5 डिग्री सेल्सियस और बीती रात का न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री गिरावट के साथ 23.6 डिग्री दर्ज किया गया।
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धान की फसल को फायदा, सब्जियों को नुकसान
बारिश के बारे में कृषि विशेषज्ञ डॉ सत्येंद्र सिंह बताते हैं कि इस वक्त हो रही बारिश से धान की फसल को फायदा है। किसान अपने खेत तैयार कर रहे हैं। धान की नर्सरी भी तैयार हो रही है। मोटे अनाजों की बोआई के लिए भी बारिश अच्छी साबित होगी। मक्का, सामा, कोदा और काकून आदि की बोआई के लिए एकदम सही समय है, क्योंकि इसके लिए नमी की जरूरत होती है।
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फल और सब्जियों में कीड़े लगने की आशंका
कृषि विशेषज्ञ मानते हैं कि इस बारिश से आम की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। जहां आम की मिठास कम होने की आशंका है, वहीं फल में कीड़े लगने की आशंका बन जाती है। हरी सब्जियों के लिए भी यह बारिश ठीक नहीं है। लौकी, करेला, भिंडी, तोरई जैसी सब्जियां खराब हो जाती हैं।