उनके मन में भी इच्छा जागी कि लखनऊ में भी इस कानून को तोड़कर अंग्रेजी सत्ता को चुनौती दी जाए। जगह-जगह कड़ी चौकसी। पर, गुप्त के दिल में बार-बार यह हूक उठ रही थी कि लखनऊ में भी इस कानून को तोड़ना है। उन्होंने कुछ साथियों से सलाह-मशविरा करके योजना बनाई।
सभी लोग अमीनाबाद पहुंचे। चारों तरफ पुलिस। लोगों से पूछताछ। ये लोग एक-एक करके अमीनाबाद स्थित गूंगे नवाब पार्क पहुंचे। जब तक कोई कुछ समझता ये सभी लोग पार्क के अंदर। नमक बनाकर कानून तोड़ा और भारत माता जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। नारों के शोर से हड़बड़ाई पुलिस पार्क पहुंची और गुप्त जी को गिरफ्तार कर लिया। गुप्त की यह पहली गिरफ्तारी थी।’