लखनऊ चौक में चूड़ी वाली गली की लंबी ढलान खत्म होने के बाद आखिरी छोर पर जैन मंदिर के सामने वाली सड़क पर छोटी काली जी का प्राचीन मंदिर है। यह नगर का दूसरा सबसे प्राचीन छोटी काली जी का मंदिर है।
मंदिर में मां काली के साथ ही राम दरबार, राधाकृष्ण, शिवाला, गणेश जी समेत तमाम इष्टदेव विराजे हैं। इलाके में नजदीक ही दो काली जी मंदिर कालांतर में हुए तो नाम छोटी काली जी मंदिर से विख्यात हो गया। छोटी काली जी मंदिर में काली जी की प्रतिमा विराजमान है।
नगर में होने वाले देवी जागरण के लिये श्रद्धालु यहां से जोत भी ले जाते हैं। श्रद्धालु बताते हैं कि मंदिर करीब 400 साल से ज्यादा पुराना है। यहां स्थापित प्रतिमा मंदिर परिसर में ही स्थित एक पुराने कुएं से निकली बताई जाती है, जिसे यहां स्थापित किया गया।