पुलिस टीम ने आरोपी के करीबियों के बारे में जानकारी ली है। बताया जा रहा है कि पैथोलॉजी विभाग के कुछ कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है। अब तक हुई कार्रवाई और दर्ज एफआईआर के बारे में भी इनपुट लिया है। माना जा रहा है कि एसटीएफ अब जेल में रमीज और उसके माता पिता से पूछताछ करेगी। तीनों के बयान के आधार पर गिरोह में शामिल लोगों के बारे में पता लगाया जाएगा।
रमीज 16 दिन तक पुलिस की गिरफ्त से दूर था। इस दौरान वह कहां-कहां गया और किन लोगों ने उसकी मदद की, एसटीएफ इस बारे में भी पता लगाएगी। जांच एजेंसियां आगरा में डॉ. परवेज और रमीज के संबंधों की दिशा में भी छानबीन कर रही हैं। दोनों के कनेक्शन को देखते हुए इस संबंध में परवेज के बयान भी लिए जा सकते हैं।
शासन को सौंपी थी गोपनीय रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने पूरे प्रकरण की गोपनीय रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी। शासन की मंशा के अनुरूप एसटीएफ विवेचना में लखनऊ पुलिस का सहयोग कर रही है। सर्विलांस के जरिये कुछ संदिग्ध एसटीएफ के रडार पर हैं। रमीज का छांगुर कनेक्शन भी खंगाला जा रहा है। रमीज और उसके पिता के बैंक खातों से हुई संदिग्ध लेनदेन का ब्योरा भी निकलवाया गया है। लेनदेन के संबंध में आरोपियों से पूछताछ होगी।