जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और पुलिस अधिकारियों पर दबाव बना तो कानपुर जोन के लिए स्थानांतरित किए गए रणजीत राय को आनन फानन रिलीव करके इसे ही पुलिस की ‘सख्त’ कार्रवाई बता दी।
पहले पुलिस की ओर से कहा गया कि इस पूरे मामले की जांच एडीजी जोन कानपुर के स्तर से कराई जाएगी। लेकिन कुछ पत्रकार इस मुद्दे पर प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार से मिले। उन्होंने आईजी एसटीएफ को उक्त इंस्पेक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
थोड़ी देर बाद डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई हो रही है। इस मामले में सुभाष राय ने स्थानीय थाने में तहरीर दी लेकिन खबर लिखने तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।