निवेश के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये हड़प चुकी शाइन सिटी की टीम विक्रांत के सीनियर मैनेजर व टेक्निकल हेड सहित 12 लोगों को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के वक्त पूरी टीम नोएडा के होटल पार्क एसेंट में क्वाइन केक एक्सचेंज व वर्चुअल क्वाइन की लॉन्चिंग कर रही थी।
प्रदेश की सबसे बड़ी ठग कंपनी के कर्मचारियों व अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस, ईओडब्ल्यू और एसटीएफ देश के कई हिस्सों में लगातार दबिश दे रही हैं। यह तेजी हाईकोर्ट इलाहाबाद की नाराजगी व डीजीपी को तलब करने के बाद आई है। ईओडब्ल्यू के आईजी ने एडीजी कानून व्यवस्था से शाइन सिटी ग्रुप पर लखनऊ में दर्ज 300 से अधिक और प्रदेश के अन्य जिलों में दर्ज मुकदमों में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ से सहयोग मांगा। इसके बाद एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश ने एएसपी राजकुमार मिश्रा को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाया था।
16 मोबाइल, दो लैपटॉप समेत कई सामान बरामद
शुक्रवार को एएसपी राजकुमार मिश्रा की टीम ने नोएडा के सेक्टर-62 स्थित होटल पार्क एसेंट में दबिश दी। इस दौरान शाइन सिटी ग्रुप ऑफ कंपनीज का पूर्व टेक्निकल हेड अर्बन कासा नोएडा निवासी आशीष कुमार, विक्रांत टीम का सीनियर मैनेजर लखनऊ के जियामऊ निवासी विक्रम सिंह, पूर्व एसोसिएट अमृतसर का मंजीत सिंह, रंजीत सिंह, गोपालगंज के बिहार का शैलेश कुमार राय, कानपुर के पुरखास का संदीप सोलोमन, मुजफ्फरनगर के रामपुरी निवासी निशांत कुमार, कानपुर के कल्याणपुर का धीरज निगम, झारखंड के देवघर का तिवारी चौक निवासी अरविंद मिश्रा, विपुल कुमार सिंह, सुल्तानपुर के भरौली का इंद्रजीत यादव और लखनऊ के आलमबाग का दामोदरनगर निवासी पूजा कन्नौजिया को गिरफ्तार किया। एसटीएफ की टीम ने आरोपियों के पास से 16 मोबाइल, एक डायरी, दो पैनकार्ड, दो लैपटॉप, 30 एटीएम, सात आधार कार्ड, दो कार और डेढ़ लाख नकदी बरामद की है।
कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से एमबीए कर बना टेक्निकल हेड
पुलिस की पूछताछ में आशीष कुमार ने कबूला कि उसने 2011 में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से फॉरेन ट्रेड एंड मार्केट इनवेस्टमेंट में एमबीए किया है। 2018 में भारत आया और शाइन सिटी ग्रुप में टेक्निकल हेड के पद पर काम शुरू किया। सालभर बाद कंपनी का सीएमडी राशिद नसीम देश छोड़कर भाग गया। इस बीच उसकी मुलाकात विक्रम यादव से हुई। जो शाइन सिटी के विशेष टीम विक्रांत के सीनियर बिजनेसम मैनेजर था। उसके साथ मिलकर एसवीसी (शाइन वर्चुअल क्वाइन) लॉन्च किया गया था। एक साल में रकम दो गुना करने का लालच देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये ठगे। विक्रांत की मदद से पेयर लेफ्ट राइट जोड़ने पर अधिक मुनाफा देने का भी लालच दिया। क्वाइन केक एक्सचेंज व वर्चुअल क्वाइन लॉन्च करने के लिए लोगों से 50 लाख रुपये जुटाए थे। एसटीएफ की टीम ने जालसाजों की गिरफ्तारी के बाद क्वाइन केक प्रा.लि. के बैंक खाते में 672541 रुपये फ्रीज करा दिए हैं।