राजधानी लखनऊ स्थित अलीगंज के नए हनुमान मंदिर में बढ़ती भीड़ और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विभाग ने फेस रिकग्निशन सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। यह प्रयोग सफल होने के बाद विभाग ने इसे अयोध्या, वृंदावन, काशी, प्रयागराज में भी लागू करने का निर्णय लिया है। जल्द ही इससे जुड़ी अन्य औपचारिकता पूरी की जाएगी।
पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि विभाग अब इसे अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और हनुमान गढ़ी, प्रयागराज के बड़े हनुमान जी मंदिर व अलोपी देवी मंदिर, वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर व बटुक भैरव मंदिर, कुसुम सरोवर (मथुरा) और वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर व प्रेम मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों पर लागू करने की तैयारी कर रहा है।
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पर्यटन मंत्री ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत हनुमान मंदिर में वीआईपी गेट समेत प्रमुख प्रवेश और निकास द्वार पर हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग आगे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के साथ मिलकर एक नया और अधिक मजबूत व व्यापक डेटाबेस विकसित करने की योजना बना रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय निवासियों, दूसरे शहरों से आने वाले पर्यटकों और पहली बार आने वालों के बीच स्पष्ट अंतर पता लग सकेगा।