उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा के कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी की ईकाई लगाने पर आईएएस अधिकारी के लिए रिश्वत लेने के आरोपी निकांत जैन की मुश्किलें अभी बरकरार हैं। निकांत को भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र सिंह ने शुक्रवार को रिहा करने का आदेश दिया था।
वजीरगंज थाने में हसनगंज बावली निवासी हसन रजा अब्बासी ने निकांत और उसके साथी एमए खान पर दर्ज केस में आरोप लगाया है कि दोनों ने उनसे वसूली की है। इससे पहले भी हसन रजा अब्बासी ने वजीरगंज थाने में ही वर्ष 2019 में निकांत पर 50 लाख की ठगी की एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें उसके दो साथी एमए खान और ध्रुव कुमार दास भी आरोपी थे।
यह भी पढ़ेंः- यूपी: विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को ज्यादा सीटें देने के मूड में नहीं सपा, पार्टी में चल रही है ये गुपचुप तैयारी
सौर ऊर्जा के कलपुर्जे बनाने की इकाई लगाने के लिए एक आईएएस के नाम पर निकांत ने कंपनी संचालक विश्वजीत दत्ता से एक करोड़ रुपये रिश्वत ली थी। इस मामले में विश्वजीत की तहरीर पर गोमतीनगर थाने में निकांत के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।