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एडीजी ट्रैफिक के अधिकार बढ़े, करेंगे अब ये सब काम

Fri, 23 Nov 2018 12:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो
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 राज्य सरकार ने अभी तक महत्वहीन माने जाने वाले एडीजी ट्रैफिक के अधिकारों में बढ़ोतरी कर दी है। इससे एडीजी का अब ट्रैफिक पुलिस के अफसरों पर सीधा अंकुश हो गया है। नई व्यवस्था के तहत जहां एडीजी ट्रैफिक को क्षेत्राधिकारी यातायात की एसीआर लिखने के लिए सीधे तौर पर अधिकृत कर दिया गया है।
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इसके अलावा एडीजी को एसपी ट्रैफिक की एसीआर के लिए समीक्षक अधिकारी भी बनाया गया है। एसपी ट्रैफिक का एसीआर डीजीपी स्वीकृत करेंगे। वहीं सीएम के आदेश के चार दिन बाद भी एडीजी ट्रैफिक एमके बशाल को अभी तक नहीं हटाया जा सका है।

शासन के संयुक्त सचिव विनोद कुमार सिंह ने एसपी व सीओ ट्रैफिक की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (एसीआर) अंकित करने में हुए संशोधन कोे लेकर शासनादेश जारी कर दिया है। शासनादेश पर अमल कराए जाने के लिए उन्होंने एडीजी प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी है।
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शासनादेश में कहा गया है कि एसपी व सीओ ट्रैफिक की एसीआर लिखने का प्रत्यावेदन जिले के पुलिस कप्तान द्वारा किया जाएगा।अभी तक एडीजी ट्रैफिक के पास यातायात विभाग के इन अधिकारियों की एसीआर से संबंधित कोई अधिकार नहीं था।
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यातायात की बदहाल व्यवस्था पर सीएम खासे नाराज

सीएम योगी - फोटो : डेमो
कुछ दिन पहले गोरखपुर में ट्रैफिक पुलिस की घूसखोरी और वहां के यातायात की बदहाल व्यवस्था पर मुख्यमंत्री खासे नाराज हो गए थे और उन्होंने वहां के सीओ ट्रैफिक को निलंबित किए जाने व एडीजी ट्रैफिक को हटाए जाने के निर्देश दिए थे।

वैसे एडीजी को हटाए जाने के आदेश के साथ ही उच्च अधिकारियों में यह चर्चा काफी मुखर थी कि एडीजी ट्रैफिक के पास कोई अधिकार ही नहीं है तो वह प्रभावी नियंत्रण कैसे कर सकते हैं। जानकार बताते हैं कि मुख्यमंत्री को भी यह पता नहीं था कि एडीजी ट्रैफिक के पास सरकार ने कुछ अधिकार ही नहीं दिए हैं। वे एक ट्रैफिक सिपाही का भी कुछ नहीं कर सकते हैं। इस मामले के तूल पकड़ने के साथ ही सरकार ने नया फैसला लिया है।
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